लेखक और उपन्यासकार वेद प्रकाश शर्मा का निधन हो गया। वह पिछले एक साल से बीमार थे। उन्होंने कई सालों तक दूसरों के लिए 'घोस्ट राइटिंग' की। 'वर्दी वाला गुंडा' उपन्यास उनका काफी लोकप्रिय हुआ था। उन्होंने कुल 173 उपन्यास लिखे।
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वेद प्रकाश शर्मा
लुगदी साहित्य को लोकप्रिय बनाने वाले वेद प्रकाश शर्मा 'वर्दी वाला गुंडा' उपन्यास से काफी लोकप्रिय हुए। कहा जाता है कि साल 1993 में पहले ही दिन इस उपन्यास की 15 लाख कॉपी बिक गई थीं। उस दौरान उनेक उपन्यास की एडवांस में बुकिंग होती थी।
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वेद प्रकाश शर्मा
सत्तर से लेकर नब्बे के दशक में लुगदी साहित्य शिखर पर था। इसे स्वर्णिम काल कहा जाता है। इसका श्रेय ओम प्रकाश शर्मा, वेद प्रकाश कंबोज, कुशवाहा कांत, वेद प्रकाश शर्मा, सुरेन्द्र मोहन पाठक जैसे लेखकों को जाता है।
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वेद प्रकाश शर्मा
वेद प्रकाश शर्मा ने 'बहू मांगे इंसाफ', 'विधवा का पति', 'सुलग उठा सिंदूर', 'आग लगे दौलत को' जैसे उपन्यास भी लिखे।
वह कहते थे कि कई साहित्यकार उन्हें अंग्रेजी में पल्प राइटर और हिंदी में लुगदी साहित्यकार कहते हैं। उन्हें इस बात का संतोष था कि उनके पास लाखों लोगों का एक बड़ा समूह जो उनके उपन्यासों को पढ़ते हैं।