दुनिया में मुहब्बत की निशानी ताजमहल के संरक्षण में बरती जा रही लापरवाही सोमवार दोपहर को तब सामने आ गई, जब इसकी साउथ वेस्ट मीनार से 7 फुट ऊंचा कलश गिर पड़ा। लाइम मोर्टार के खराब होने के कारण कलश का चार फुट का हिस्सा मीनार पर गिर पड़ा। एएसआई के मुताबिक केमिकल क्लीनिंग के बाद कलश फिर से लगाया जाएगा।
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ताजमहल के सरंक्षण में बरती जा रही लापरवाही, साउथ वेस्ट मीनार से गिरा कलश
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ताजमहल की साउथ वेस्ट मीनार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ताजमहल के संरक्षण में बरती जा रही लापरवाही पर सुप्रीम कोर्ट से लेकर संसदीय कमेटी तक चिंता जता चुकी है, लेकिन इसकी मरम्मत पर एएसआई अधिकारी फिर भी जोर नहीं दे रहे। सोमवार दोपहर में ताजमहल की दक्षिण पश्चिमी मीनार पर मड पैक और केमिकल क्लीनिंग करते समय इसका कलश गिर गया।
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ताजमहल के सरंक्षण में बरती जा रही लापरवाही, साउथ वेस्ट मीनार से गिरा कलश
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कलश गिरने के बाद उस जगह को ढक दिया गया
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सात फुट ऊंचाई वाले पीतल के कलश का चार फुट का हिस्सा टूट गया है। गनीमत ये रही कि शटरिंग और जाल से कवर होने के कारण यह नीचे नहीं गिरा और मीनार पर ही रह गया। एएसआई रसायन शाखा ने कलश को नीचे उतारकर केमिकल ट्रीटमेंट के लिए भेज दिया है।
ताजमहल के सरंक्षण में बरती जा रही लापरवाही, साउथ वेस्ट मीनार से गिरा कलश
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वहीं, संरक्षण सहायक ने नए सिरे से मोर्टार के जरिए कलश लगाने की बात कही है। एएसआई अधिकारियों के मुताबिक मोर्टार कमजोर हो चुका था। इसकी मियाद भी खत्म हो गई थी, इस वजह से यह कलश टूटा।
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बीते हादसों को देखते हुए ताजमहल की संरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं। अगस्त 2015 में ताज परिसर में ब्रिटिश राज के दौरान 1905 में लार्ड कर्जन का दिया गया लैंप नीचे गिर गया था, वहीं जुलाई में संदली मस्जिद का गुलदस्ता और प्लास्टर गिर गया, जबकि सितंबर में सरहिंदी बेगम मकबरे का छज्जा टूट गया था। बीते साल ही अप्रैल में भूकंप के दौरान रॉयल गेट के कुछ मार्बल और रेड स्टोन के टुकड़े नीचे गिरे थे।