पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। राज्य के करीब 18 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। जिसमें करीब 12 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।
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राज्य के चिरांग जिले में हालात बिगड़ने के बाद राहत व बचाव कार्यों के लिए सेना बुलानी पड़ी है। जिले के कई गांव पानी में डूब गए हैं।
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अधिकारियों के मुताबिक चिरांग से करीब दो सौ लोगों को निकाला गया है। वहीं बोंगईगांव से 150 लोगों को बचाया गया।
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असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार उत्तर लखीमपुर और मयोंग में बाढ़ के कारण दो लोगों की जान जा चुकी है जबकि काजीरंगा नेशनल पार्क, डिब्रू-सैखोवा नेशनल पार्क और पोबितोरा वन्यजीव अभ्यारण्य भी जलमग्न हो चुका है।
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असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से साढ़े चार सौ गांवों के लगभग 12 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
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बाढ़ से 47 हजार हेक्टेयर में खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ प्रभावित जिलों में बने 70 राहत शिविरों में इक्कीस हजार लोगों ने शरण ली है।
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सरकारी सूत्रों ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में लगातार भारी बारिश के चलते ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे कई स्थानों पर सड़कों व तटबंधों को भारी नुकसान पहुंचा है और कई दुर्गम स्थानों का राज्य के बाकी हिस्सों से संपर्क कट गया है।
कोकराझाड़ और बंगाईगांव जिलों में कई तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सेना के प्रवक्ता ले. कर्नल सुनीत न्यूटन ने बताया कि सेना के जवानों ने चिरांग जिले में राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है। सैकड़ों लोगों को बचा कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि सेना की चार टुकड़ियां इस काम में लगी हुई हैं।