फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत की जंगी ताकत की गवाह हैं ये तस्वीरें, समुद्र में भी हम किसी से कम नहीं

Tue, 03 Nov 2020 12:08 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विशाखापट्टनम।
विज्ञापन
1 of 5
मालाबार नौसेना अभ्यास 2020 - फोटो : twitter : @indiannavy
पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध के बीच मंगलवार से भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने मालाबार नौसैन्य अभ्यास का पहला चरण शुरू कर दिया है। इस अभ्यास की तस्वीरें गवाह हैं कि समुद्र में भारत की जंगी ताकत भी किसी से कम नहीं है। बता दें कि यह अभ्यास बंगाल की खाड़ी में विशाखापट्टनम में किया जा रहा है। इस अभ्यास से इसमें शामिल हो रहे चारों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों का पता चलता है। खास बात यह है कि ये चीन के लिए चिंता का सबब हो सकता है।
विज्ञापन

2 of 5
मालाबार नौसेना अभ्यास - फोटो : twitter : @indiannavy
सैन्य अभ्यास तीन दिन तक चलेगा और शुक्रवार को खत्म होगा। इन चारों देशों के नौसेना अभ्यास का दूसरा चरण 17-20 नवंबर के बीच अरब सागर में शुरू होगा। पिछले हफ्ते भारत ने यह घोषणा की थी कि ऑस्ट्रेलिया भी इस अभ्यास का हिस्सा होगा, जिस पर अमेरिका ने सहमति जताई थी।
विज्ञापन

3 of 5
मालाबार नौसेना अभ्यास - फोटो : twitter : @indiannavy
क्वाड सदस्य राष्ट्रों के विदेश मंत्रियों की टोक्यो में बैठक के दो हफ्ते बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया को अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए न्योता दिया था। जापान में हुई इस बैठक में चारों देशों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत बातचीत की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में जटिल और अत्याधुनिक नौसेना अभ्यास होंगे। 

4 of 5
मालाबार नौसेना अभ्यास - फोटो : twitter : @indiannavy
इस अभ्यास में पनडुब्बी रोधी या हवाई युद्ध रोधी अभियान होंगे। इसके अलावा हथियारों से फायरिंग का भी अभ्यास किया जाएगा। मालाबार अभ्यास 1992 में भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के बीच हिंद महासागर में एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में शुरू हुआ था। बाद में, 2015 में जापान इसका स्थायी सदस्य बना।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मालाबार नौसेना अभ्यास - फोटो : twitter : @indiannavy
इस अभ्यास में भारतीय नौसेना रणविजय, युद्ध पोत शिवालिक, समुद्र तटीय गश्ती नौका सुकन्या, जहाजों के बेड़े को सहायता पहुंचाने वाले पोत शक्ति और पनडुब्बी सिंधुराज को शामिल करेगी। चीन की बढ़ती आक्रामकता को काबू में रखने के लिए अमेरिका सुरक्षा के तौर पर क्वाड का समर्थन कर रहा है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें