फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Exclusive: बंग बंधु का अपमान करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं, छात्र आंदोलन को बदनाम करने की हो रही साजिश

विज्ञापन
1 of 5
अजमेरी हक बधोन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अगर आपने निर्देशक विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘खुफिया’ देखी है तो इसमें काम करने वाली अभिनेत्री अजमेरी हक बधोन को जरूर पहचानते होंगे। सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का बांग्लादेश का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त कर चुकीं अजमेरी बीते कई दिनों से बांग्लादेश में चलते रहे छात्र आंदोलन में खुलकर हिस्सा लेती रही हैं। छात्रों पर किए गए अत्याचार का वह पूरे दम से विरोध करती रही हैं और उनका मानना है कि मीडिया पर अंकुश लगाकर, इंटरनेट बंद करके और बल प्रयोग करके पिछली सरकार ने सही नहीं किया। अजमेरी ने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों की मजबूती के लिए अपने देश में एक लोकतांत्रिक सरकार के गठन को समय की जरूरत बताया। और, ये भी कहा कि विदेशी मीडिया को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
विज्ञापन

2 of 5
अजमेरी हक बधोन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘खुफिया’ में दिखने के बाद ‘अमर उजाला’ ने ही सबसे पहले अजमेरी हक से एक एक्सक्लूसिव बातचीत की थी और तभी पता चला था कि वह आधुनिक विचारों की समर्थक हैं और ये बात उनके अपनी बेटी की परवरिश का अधिकार पाने से भी जुड़ी रही। लेकिन, परिवार से पहले समाज और समाज से पहले देश को मानने वाली अजमेरी हक कहती हैं कि आंदोलन को अब बदनाम करने की कोशिश हो रही है और एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक बांग्लादेश के लिए आंदोलन करते रहे लोगों को इससे बचकर रहना चाहिए।  वह कहती हैं, मीडिया में ये बात गलत फैलाई जा रही है कि आंदोलनकारी छात्र हिंसा कर रहे हैं या किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ आक्रामक हैं।

विज्ञापन

3 of 5
अजमेरी हक बधो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बांग्लादेश के संस्थापक माने जाने वाले शेख मुजीबुर्रहमान की प्रतिमा को तोड़े जाने को भी अजमेरी शरारती तत्वों की हरकत मानती हैं। वह कहती हैं, ‘छात्र आंदोलन से जुड़ा हर नेता बंग बंधु की इज्जत करता है। बंग बंधु ने ही हमें एक आजाद देश दिलाया और उन्होंने ही हमारे देश को एक आततायी सरकार से मुक्ति दिलाई थी। आंदोलन से जुड़ा कोई भी छात्र बंग बंधु का अपमान न कर सकता है और न ही उनकी साख को आंच आने वाली कोई हरकत ही बर्दाश्त कर सकता है। ये हरकतें समाज विरोधी तत्वों की है और मीडिया उन्हीं को उछाल कर इस पूरे आंदोलन की गलत तस्वीर पेश कर रहा है।’

Game Changer Update: राम चरण की फिल्म 'गेम चेंजर' को लेकर आया बड़ा अपडेट, प्रशंसक हुए उत्साहित

4 of 5
अजमेरी हक बधोन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अजमेरी हक के मुताबिक, “इस पूरे आंदोलन का मकसद देश को मौजूदा समय के हिसाब से आधुनिक बनाने और जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का ही रहा है। मैंने खुद इस्लामिक कानून से लड़कर अपनी बेटी की परवरिश हासिल की है। आंदोलनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करना ही इस पूरे मसले का ट्रिगर प्वाइंट रहा। यहां मेरी अपनी बेटी हो सकती थी। कोई भी सत्तासीन शासक अगर अपने ही नागरिकों पर गोली चलाता है, तो फिर उसे सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है।”

Chandu Champion: आईएफएफएम 2024 में 'चंदू चैंपियन' का जश्न मनाएंगे कार्तिक आर्यन, कबीर खान भी रहेंगे मौजूद
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अजमेरी हक बधोन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अभिनय छोड़ सक्रिय राजनीति में आने के सवाल पर अजमेरी हक का मत स्पष्ट है। वह कहती हैं, “अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों में काम करने के चलते अक्सर मेरे पास मुंबई या हॉलीवुड में बसने के प्रस्ताव आते रहते हैं। लेकिन मैं बांग्लादेश की बेटी हूं। मुझे शोहरत और दौलत की चाहत से ज्यादा अपने देश से प्यार है। मैं अपने देश के लोगों के लिए भी बहुत कुछ करना चाहती हूं लेकिन बिना सियासी चेहरे या बिना किसी एनजीओ के सहारे के।”
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें