प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की एक बार फिर से मुलाकात हो सकती है। चीन के हेंगझोऊ में 4-5 सितंबर को होने वाले जी-20 समिट में दोनों अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस मुलाकात से न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप में भारत के शामिल होने की संभावना को देखते हुए भी अहम माना जा रहा है। बताते चलें कि मोदी और ओबामा की यह 8वीं मुलाकात है।
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नरेंद्र मोदी और बराक ओबामा
मोदी और ओबामा की 7वीं मुलाकात व्हाइट हाउस में हुई थी। इसमें ओबामा ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में भारत की एंट्री को आधिकारिक समर्थन दिया। वहीं, भारत में असैन्य क्षेत्र में बढ़ती उर्जा की मांग को देखते हुए अमेरिका की तरफ से भारत में 6 एपी रिएक्टर बनाने का काम शुरू करने पर सहमति मिली है।
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नरेंद्र मोदी और बराक ओबामा
नवंबर 2015 में पेरिस में आयोजित जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और ओबामा की छठी मुलाकात हुई थी। इसमें सोलर रिच नेशंस के अलायंस के गठन का ऐलान किया।
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नरेंद्र मोदी और बराक ओबामा
नरेंद्र मोदी और ओबामा की 5वीं मुलाकात सिलिकन वैली में सितंबर 2015 में हुई थी। इस मुलाकात के दौरान ओबामा ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया था।
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नरेंद्र मोदी और बराक ओबामा
26 जनवरी 2015 को भारत के 66वें गणतंत्र दिवस समारोह के बराक ओबामा भारत आए थे। इस दौरान दोनों की चौथी मुलाकात हुई थी। ओबामा कि इस 3 दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों में मील का पत्थर रहे असैन्य परमाणु करार के कार्यान्वयन पर पिछले 7 सालों से चला आ रहा गतिरोध समाप्त करने के साथ ही मानव रहित आधुनिकतम विमान सहित कई महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों का मिलकर उत्पादन करने का फैसला लिया गया।
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नरेंद्र मोदी और बराक ओबामा
नवंबर 2014 में ही ऑस्ट्रेलिया में जी-20 शिखर सम्मेलन में मोदी और ओबामा से तीसरी मुलाकात हुई। मोदी की ओबामा के साथ मुलाकात तो हमेशा की तरह सकारात्मक ही रही।
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नरेंद्र मोदी और बराक ओबामा
म्यांमार की राजधानी ने पीटॉ में नवंबर 2014 में आयोजित ईस्ट एशिया समिट के दौरान मोदी और ओबामा की दूसरी मुलाकात हुई थी। ओबामा ने मोदी को 'कर्मयोगी (मैन ऑफ ऐक्शन)' कहकर संबोधित किया था। इस मुलाकात में इन दोनों नेताओं ने एक बार फिर फूड सिक्यॉरिटी के मुद्दे पर चर्चा की, जिस पर भारत को अमेरिका का साथ मिला।
प्रधानमंत्री बनने के बाद अमेरिकी यात्रा पर पहली बार गए नरेंद्र मोदी की सितंबर 2014 में ओबामा की पहली मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा के मुद्दे को सुलझाने पर सहमति बनी। डब्लूटीओ में भारत की खाद्य सुरक्षा चिंता का ख्याल रखने का अमेरिका ने वादा किया।