देश का आम बजट नजदीक है। हम आपको कई देशों में लगने वाले ऐसे अजीबोगरीब टैक्स के बारे में बताएंगे, जानकर दंग होंगे आप।
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केरल में पिज्जा, बर्गर खाने पर लगेगा फैट टैक्स
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पिज्जा
अगर आप भारत के केरल राज्य में पिज्जा, बर्गर या फिर अन्य किसी तरह का जंक फूड किसी ब्रांडेड रेस्टोरेंट में खाते हैं, तो उस पर आपको 14.5 फीसदी फैट टैक्स देना पड़ सकता है। हालांकि इस पर अभी विचार चल रहा है।
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सिगरेट पीने से पहले देना होता था टैक्स
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- फोटो : getty images
2009 में आर्थिक मंदी के दौरान, चीन के हुबई राज्य में वहां की सरकार ने सिगरेट पीने से पहले टैक्स लगा दिया था। वहां की सरकार ने लोगों को हुक्म दिया था कि वो 25 लाख सिगरेट के पैकेट खरीदें।
इससे सरकार अपनी टैक्स रेवेन्यू को बढ़ाना चाहती थी, ताकि सिगरेट बनाने वाली कंपनियों पर असर न पड़े। सरकार ने स्कूल में पढ़ने वाले शिक्षकों के लिए भी कोटा तय किया था। इसके अलावा एक गांव को सिगरेट के 400 कार्टून खरीदने के लिए कहा गया था।
ताश के पत्ते खरीदने और बेचने पर लगता है टैक्स
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अमेरिका के अल्बामा राज्य में ताश के पत्ते खरीदने या बेचने पर टैक्स देना होता है। जो लोग ताश के पत्तों को खरीदते हैं उनको 10 सेंट टैक्स देना होता है, वहीं पत्तों को बेचने वालों को एक डॉलर देना होता है। इसके अलावा विक्रेता को तीन डॉलर प्रति वर्ष लाइसेंस फीस के रुप में भी देने होते हैं।
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अगर गाय ने पादा तो देना होगा 110 डॉलर
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यूरोपियन यूनियन के कई देशों में ग्लोबल वॉर्मिंग को रोकने के लिए गाय द्वारा पादने पर टैक्स लगता है। यूरोप में ग्रीनहाउस गैस के बढ़ने में गाय के पादने का 18 फीसदी योगदान है। जहां आयरलैंड में प्रत्येक गाय पर 18 डॉलर का टैक्स लगता है, वहीं डेनमार्क में 110 डॉलर गाय मालिकों को प्रति गाय देने पड़ते हैं।
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अंग्रेजों द्वारा लाया गया था नमक कानून
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- फोटो : AmarUjala
महात्मा गांधी द्वारा विश्व प्रसिद्ध दांडी मार्च के बारे में तो आपको पता ही होगा, जो उन्होने अंग्रेजों के नमक कानून को तोड़ने के लिए पोरबंदर से दांडी तक किया था। यह टैक्स अंग्रेजों ने भारतीयों पर लगाया था ताकि कोई भी नमक का उत्पादन न कर सके।
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त्रावणकोर राज्य में गरीब महिलओं पर लगता था ब्रेस्ट टैक्स
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- फोटो : BBC
पुरातन काल में दक्षिण के त्रावणकोर राज्य में वहां के एक शासक ने गरीब महिलाओं पर ब्रेस्ट टैक्स लगाया था। इस कानून के मुताबिक कोई भी गरीब महिला अपनी छाती को कपड़े से नहीं ढक सकती थी।
अगर कोई महिला यह अजीबोगरीब कानून तोड़ने की कोशिश करती तो टैक्स वसूलने वाले अधिकारी उसके छाती का माप लेकर, साइज के हिसाब से टैक्स वसूलते थे। यह प्रथा कुछ सालों तक चली, लेकिन बाद में काफी विरोध होने पर इसको वापस ले लिया गया था।
रुस के राजा ने लगाया था दाढ़ी-मूंछ रखने पर टैक्स
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- फोटो : PTI
सन् 1705 में रुस के राजा पीटर द ग्रेट ने पश्चिम यूरोप के क्लीन शेव लोगों को देखकर अपने राज्य में दाढ़ी-मूंछ रखने वालों पर टैक्स लगाया था। ऐसे लोगों को दाढ़ी टोकन दिए गए थे, ताकि पता चल सके कि इन्होने टैक्स भर दिया है।
जो लोग टैक्स नहीं भरते थे उनकी दाढ़ी-मूंछ साफ करवा दी जाती थी। इस टैक्स को 1722 में हटा लिया गया था।
इंग्लैंड में घर की खिड़कियां ज्यादा होने पर लगता था टैक्स
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- फोटो : getty images
1696 में इंग्लैंड के राजा विलियम तृतीय ने विंडो टैक्स लगाया था। इस टैक्स के अनुसार किसी भर घर में 10 से ज्यादा खिड़कियां होने पर 10 शिलिंग का टैक्स देना होता था। इस कानून के चलते कई लोगों ने अपने घरों में मौजूद 10 से ज्यादा खिड़कियों को बंद करा दिया था। 1856 में इस टैक्स को वापस ले लिया गया था।