ओडिशा के पुरी जिले में रविवार को वार्षिक कोणार्क नृत्य महोत्सव और अंतर्राष्ट्रीय रेत कला महोत्सव शुरू हुआ। प्रदेश में पर्यटन सीजन की शुरुआत का प्रतीक इस महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने किया। महोत्सव की शुरुआत में नृत्य के साथ अद्भुत सैंड आर्ट देखने को मिला।
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ओडिशा में कोणार्क और अंतरराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव शुरू
- फोटो : पीटीआई / एएनआई / एक्स@odisha_tourism
ओडिशा के पुरी जिले में रविवार को वार्षिक कोणार्क नृत्य महोत्सव और अंतर्राष्ट्रीय रेत कला महोत्सव शुरू हुआ। प्रदेश में पर्यटन सीजन की शुरुआत के प्रतीक इस महोत्सव में मिनी इंडिया का स्वरूप देखा गया। कला महोत्सव की शुरुआत नृत्य के साथ अद्भुत सैंड आर्ट को देखने को मिला। सीएम चरण मोहन माझी के साथ उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने दीप जलाकर इस महोत्सव की शुरुआत की।
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सीएम चरण मोहन माझी ने मोहत्सव का किया उद्घाटन
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सीएम मोहन चरण माझी ने किया उद्घाटन
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ओडिशा के पर्यटन सीजन की शुरुआत के प्रतिक इस महोत्सव का उद्घाटन सीएम मोहन चरण माझी ने की।
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मोहत्सव में दिखा नृत्य के साथ अद्भुत सैंड आर्ट
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नृत्य के साथ महोत्सव की शुरुआत
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कोणार्क और अंतरराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव का उद्घाटन संध्या में भारत की समृद्ध शास्त्रीय नृत्य परंपराओं का जश्न मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उत्कल संगीत महाविद्यालय, भुवनेश्वर द्वारा ओडिसी नृत्य और गायन से हुई।
कला के नए आयाम किए प्रस्तुत
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कोणार्क और अंतरराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव
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कोणार्क और अंतरराष्ट्रीय रेत कला महोत्सव के साथ ही 14वें अंतर्राष्ट्रीय रेत कला महोत्सव ने चंद्रभागा समुद्र तट पर कला के नए आयाम प्रस्तुत किए।
पांच दिवसीय महोत्सव ओडिशा पर्यटन, ओडिशा संगीत नाटक अकादमी (ओएसएनए) और ओडिशा पर्यटन विकास निगम (ओटीडीसी) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन संध्या में भारत की समृद्ध शास्त्रीय नृत्य परंपराओं का जश्न मनाया गया।
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सोशल मीडिया और डीडी भारती पर होगा सीधा प्रसारण
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ओडिशा संगीत नाटक अकादमी की प्रस्तुति
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कोणार्क महोत्सव का ओडिशा पर्यटन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सीधा प्रसारण किया जा रहा है और 1 से 5 दिसंबर तक डीडी भारती पर भी इसे प्रसारित किया जाएगा।
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ओडिसी नृत्य और गायन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
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ओडिशा संगीत नाटक अकादमी
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कार्यक्रम की शुरुआत उत्कल संगीत महाविद्यालय, भुवनेश्वर द्वारा ओडिसी नृत्य और गायन से हुई, जिसके बाद नई दिल्ली के मालती श्याम और उनके समूह ने कथक प्रदर्शन किया।
महोत्सव में भगवान शिव की गतिशील ऊर्जा की कहानियों को दर्शाया गया
ओडिसी प्रदर्शन भगवान जगन्नाथ के आह्वान से शुरू हुआ, जिसमें दिव्य शक्ति और शक्ति के स्त्री रूप में भगवान शिव की गतिशील ऊर्जा की कहानियों को दर्शाया गया। कथक नृत्य में जटिल लय और तरल आंदोलनों के माध्यम से भक्त और भगवान के बीच शाश्वत बंधन का उत्सव मनाया गया। यह प्रदर्शन मालती श्याम द्वारा कोरियोग्राफ किया गया था।
महोत्सव में 129 रेत कलाकारों ने भाग लिया, जिनमें आठ अंतर्राष्ट्रीय कलाकारों का योगदान था। इस वर्ष के विषयों पर आधारित 35 रेत कला कृतियाँ प्रदर्शित की गईं, जिनमें महिला सशक्तिकरण, ओडिया अस्मिता और विश्व विरासत जैसे विषय शामिल थे।