देश और भारतीय वायु सेना के इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना उस वक्त जुड़ गया जब रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने देश की पहली तीन महिला लड़ाकू पायलटों को सेना में शामिल किया।
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पर्रिकर ने किया कमीशन्ड
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महिला फाइटर पायलटों के साथ रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर
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हैदराबाद के डुंडीगल में स्थित फाइटर पायलट ट्रेनिंग सेंटर से ग्रेजुएट हुई भावना, अवनि और मोहना ने पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया जिसके बाद उन्हें फाइटर पायलटों की श्रेणी में शामिल कर लिया गया। तो आइए जानते हैं कौन हैं ये देश की पहली तीन महिला फाइटर पायलट।
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बिहार के एक छोटे से गांव की हैं भावना
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भावना कंठ
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भावना कंठ- बिहार के दरभंगा जिले के एक सुदूर ग्रामीण इलाके से संबंध रखने वाली 24 साल की भावना कंठ देश की उन पहली महिला फाइटरों में से एक हैं जिन्हें शनिवार को वायु सेना में कमीशन किया गया।
भावना के परिवार का कोई सदस्य सेना में नहीं
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भावना ने की बीटेक की पढ़ाई
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राजस्थान के कोटा से इंटरमीडिएट की पढ़ाई करने के बाद भावना ने बीटेक करने के लिए बैंगलुरु के बीएमएस इंजिनियरिंग कॉलेज में दाखिला ले लिया। यहां से बीटेक करने के बाद ही भावना ने वायु सेना ज्वाइन कर लिया। भावना के परिवार से पहले किसी ने वायुसेना में काम नहीं किया।
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अवनि के दो भाई सेना में कैप्टन
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अवनि चतुर्वेदी
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अवनि चतुर्वेदी- मध्यप्रदेश के रीवा की रहने वाली अवनि चतुर्वेदी ने शुरुआती पढ़ाई खत्म करने के बाद बीटेक करने के लिए जयपुर के बनस्थली विश्वद्यालय में दाखिला ले लिया। उसके बाद उन्होंने वायु सेना का दामन थाम लिया। अवनि के पिता पेशे से इंजीनियर हैं और चाचा सेना में हैं। इतना ही नहीं उनके दो भाई सेना में कैप्टन भी हैं।
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सपना पूरा हुआ
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रक्षा मंत्री के साथ अवनि चतुर्वेदी
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देश सेवा का जज्बा अवनि को विरासत में मिला है। अवनि का कहना है कि बचपन से सेना की जिंदगी को करीब से जाना है और यही वजह रही कि मुझे यहां तक खींच लाई। अपने बचपन को याद करते हुए अवनि कहती हैं कि बचपन में हर कोई आसमान की ओर देखकर परिंदों की तरह उड़ना चाहता है।
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वायु सेना स्कूल से की पढ़ाई
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मोहना सिंह
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मोहना सिंह- राजस्थान से झुंझुनू की रहने वाली मोहना सिंह ने नई दिल्ली के वायु सेना स्कूल से अपनी पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने भी बीटेक की पढ़ाई के लिए अमृतसर के एक कॉलेज में दाखिला ले लिया। मोहना के भी वायु सेना में कार्यरत हैं और उनकी मां एक अध्यापिका हैं। इतना ही नहीं उनके दादा भी पहले वायु सेना में काम कर चुके हैं।
मोहना का परिवार वायु सेना में कार्यरत
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मोहना को उनके दादा और पिता से ही वायु सेना में जाने की प्रेरणा मिली। परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मोहना ने भी वायु सेना में शामिल हो गईं और देश की पहली तीन महिला फाइटर पायलटों की सूची में शुमार हो गईं।