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मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र में भारी बारिश से जन-जीवन अस्त-वयस्त, तस्वीरों में देखें

Tue, 10 Sep 2019 04:36 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पानी मे डूबी कार - फोटो : PTI
मध्य प्रदेश में मॉनसून पूरे जोर-शोर के साथ आया है। मौसम विभाग ने राज्य के 32 जिलों में अलर्ट जारी किया है, जबकि प्रदेश का बड़ा इलाका पहले से ही बाढ़ की चपेट में घिरा हुआ है। राजधानी भोपाल, सीहोर, मंडला, नरसिंहपुर और जबलपुर सहित 11 जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ियों में छुटटी की गई। बाढ़ से इस कदर जल भराव हुआ है कि लगभग आधी कार पानी में डूब गई है। 
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भारी बारिश से मकान ढ़ह गया - फोटो : PTI
लगातार हो रही बारिश के चलते यहां कई घर ढ़ह गए। राज्य के निचली बस्तियां पानी में डूबी हैं। पुलों-पुलियों पर कई फीट पानी बह रहा है। कई गांवों और शहरों का सड़क संपर्क टूट गया है। भारी बारिश से कच्चे मकान में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 
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बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़क - फोटो : PTI
हरदा जिले में सुकनी नदी का पानी जिला जेल में 3-4 फीट भर गया है। 300-500 लोगों को शिविरों में शिफ्ट किया गया है। होशंगाबाद में दो दिनों से मूसलधार बारिश हो रही है। जिले के कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। धार जिले में नर्मदा के किनारे बसे गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। बाढ़ का पानी का उफान इस कदर है कि उसने सड़क को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। 

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भारी बारिश से क्षतिग्रस्त पुल - फोटो : PTI
इंदौर और आसपास हो रही बारिश से शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। उज्जैन में नदी किनारे बने कई मंदिर जलमग्न हैं। खंडवा- मोरटक्का पुल और जबलपुर-नरसिंहपुर स्टेट हाईवे बंद कर दिया गया है। सिवनी में उफन रही वेनगंगा नदी का पुल पार करते समय दो लोग बह गए। बाढ़ के पानी का बहाव से पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। लेकिन फिर भी लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं। 
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लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाती एनडीआरएफ की टीम - फोटो : PTI
मध्यप्रदेश के साथ महाराष्ट्र में भी बाढ़ से बुरे हालात है। महाराष्ट्र के सांगली जिले में कृष्णा और वरुणा नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। नासिक में गोदावरी नदी के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने को कहा गया है। एनडीआरएफ की टीम लोगों को निचले इलाकों से निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रही है। 
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बांध से पानी छोड़े जाने से नदी उफान पर - फोटो : PTI
आंध्र प्रदेश प्रशासन गोदावरी नदी पर बने चार बांधों में पानी के बढ़े स्तर को देखकर प्रथम श्रेणी की बाढ़ आने की चेतावनी जारी कर चुका है। भारी बारिश के चलते बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है जिससे निचले इलाकों में पानी भर रहा है। 
 
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बाढ़ से डूबी सड़के - फोटो : PTI
निजी मौसम एजेंसी स्काई मेट के अनुसार एक जून से आठ सितंबर के बीच सामान्य बारिश 764.5 मिमी होती है जबकि इस साल यह 782 मिमी पर पहुंच गई है। मध्य भारत में 19 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। बारिश के कारण मध्य भारत के अधिकतर शहरों में जल भराव हुआ है।
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