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लोकसभा चुनाव 2019: तीसरे चरण में इन 12 सीटों पर दिग्गजों के बीच महामुकाबला

Wed, 24 Apr 2019 02:33 PM IST
Prachi Priyam चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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तीसरे चरण के दिग्गज उम्मीदवार
23 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के तीसरे दौर का मतदान होना है। इस चरण में अमित शाह, जया प्रदा, पप्पू यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे, मुलायम सिंह यादव समेत कई दिग्गज उम्मीदवार मैदान में हैं। पूरे देश की निगाहें इस बात पर हैं कि कहां कि बाजी किसके हाथ लगती है। आपको बता रहे हैं किस-किस दिग्गज नेता की साख इस चरण में दांव पर है। 
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जया प्रदा-आजम खान

रामपुर (उत्तर प्रदेश)

रामपुर लोकसभा सीट को समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का गढ़ माना जाता है। 2014 लोकसभा चुनाव में यहां भाजपा के नेपाल सिंह ने जीत हासिल की थी। हालांकि कांग्रेस ने यहां से संजय कपूर को मैदान में उतारा है, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा उम्मीदवार जया प्रदा और समाजवादी पार्टी के आजम खान के बीच है। जया प्रदा के खिलाफ दिए गए मोहम्मद आजम खान के आपत्तिजनक बयानों के कारण भी इस बार यहां के मुकाबले पर लोगों की नजरें टिकी हैं। 
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दिनेश चंद्र यादव-पप्पू यादव-शरद यादव

मधेपुरा (बिहार)

बिहार की मधेपुरा सीट पर इस बार जन अधिकार पार्टी के टिकट पर ताल ठोकने उतरे पप्पू यादव के कारण मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। एनडीए ने दिनेश चंद्र यादव और यूपीए ने शरद यादव को मैदान में उतारा है। लड़ाई मजेदार इसलिए है क्योंकि मुकाबला तीन दिग्गजों के बीच हो रहा है। एक तरफ महागठबंधन में जगह नहीं मिलने के कारण नाराज पप्पू यादव अपने पूरे दम-खम का इस्तेमाल करेंगे, वहीं उनका सामना करेंगे लालू यादव को इसी सीट से धूल चटाने वाले शरद यादव। इसके अलावा यहां ओबीसी वोट बैंक को देखते हुए एनडीए ने दिनेश चंद्र यादव को उतारा है, जिसका उन्हें बड़ा फायदा मिल सकता है।

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संबित पात्रा-पिनाकी मिश्रा

पुरी (ओडिशा)

आए दिन सुर्खियों में रहने वाले भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को टिकट मिलने के बाद से ही इस सीट पर सबकी नजर गड़ी हुई है। यहां से भाजपा के संबित पात्रा पहली बार मैदान में हैं, और उनके सामने खड़े हैं पुरी लोकसभा सीट के वर्तमान सांसद और बीजद उम्मीदवार पिनाकी मिश्रा। कांग्रेस ने यहां से सत्यप्रकाश नायक को टिकट दिया है, जिसके कारण पूरे खेल की तस्वीर त्रिकोणीय बन गई है। 
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तुषार वेल्लापल्ली-राहुल गांधी
केरल की वायनाड लोकसभा सीट वैसे तो अल्पसंख्यक बहुल होने के कारण कांग्रेस के लिए सुरक्षित सीट मानी जा रही है, लेकिन इस बार यह चर्चा में इसलिए है क्योंकि यहां से राहुल गांधी मैदान में हैं। वायनाड पर पूरे देश की नजर इसलिए टिकी हुई है क्योंकि अमेठी के बाद यह राहुल की दूसरी सीट है। यहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का मुकाबला एनडीए उम्मीदवार तुषार वेल्लापल्ली से होना है। 
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डॉ. सी जे चावड़ा-अमित शाह

गांधीनगर (गुजरात)

गांधीनगर लोकसभा सीट इस बार अपने प्रत्याशियों के अलावा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि भाजपा ने पिछली बार यहां से छह बार सांसद रहे वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का टिकट काट दिया है और इस बार पार्टी अध्यक्ष अमित शाह यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला करने के लिए कांग्रेस ने डॉ. सी जे चावड़ा को मैदान में उतारा है। पिछली बार मोदी लहर के कारण गुजरात की सभी सीटों पर भाजपा ने अपना झंडा फहराया था।
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सोफी युसुफ-महबूबा मुफ्ती-हसनैन मसूदी

अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर)

अनंतनाग लोकसभा सीट जम्मू-कश्मीर की सबसे ज्यादा संवेदनशील सीटों में से एक है। यह महबूबा मुफ्ती का गृहक्षेत्र है इसलिए उनकी खासी पकड़ मानी जाती है। इस बार यहां से पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, भाजपा की सोफी यूसुफ और नेशनल कांफ्रेंस के हसनैन मसूदी आमने-सामने हैं। यहां पीडीपी का पलड़ा भारी होने के कारण भाजपा और नेशनल कांफ्रेंस के लिए मुश्किलों का अंदाजा लगाया जा रहा है।

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मुलायम सिंह यादव-प्रेम सिंह शाक्य

मैनपुरी (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट को यादव परिवार का गढ़ माना जाता है। 1996 के बाद से यहां लगातार समाजवादी पार्टी का ही कब्जा रहा है। 2014 में यहां से मुलायम सिंह यादव ने जीत हासिल की थी। इस बार यहां भाजपा उम्मीदवार प्रेम सिंह शाक्य और मुलायम सिंह यादव के बीच मुकाबला होगा। प्रेम सिंह शाक्य 2014 के उपचुनाव में यहां सपा के तेज प्रताप यादव से हार चुके हैं। एक तरफ सपा-बसपा के साथ लड़ने के कारण यहां मुलायम सिंह को फायदा मिल सकता है, तो दूसरी तरफ यह भाजपा के लिए कठिनाइयों की वजह भी बन सकता है।

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वरुण गांधी-हेमराज वर्मा

पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)

पीलीभीत लोकसभा सीट से इस बार कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के वरुण गांधी और समाजवादी पार्टी के हेमराज वर्मा के बीच है। लंबे समय से यह भाजपा के 'गांधी' परिवार की सीट रही है। पिछली बार भी यहां से भाजपा के टिकट पर मेनका गांधी ने जीत दर्ज की थी। इस बार मेनका और वरुण के सीट की अदला-बदली करते हुए भाजपा ने यहां से मेनका के बेटे वरुण गांधी को मैदान में उतारा है। 

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सुजय राधाकृष्ण विखे-संग्राम जगताप

अहमदनगर (महाराष्ट्र)

अहमदनगर महाराष्ट्र की उन हॉट सीटों में से एक है जिन पर तीसरे चरण में चुनाव होना है। यहां एनडीए के सुजय राधाकृष्ण विखे और यूपीए के संग्राम जगताप के बीच मुकाबला है। सुजय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राधा कृष्ण विखे पाटिल के बेटे हैं। पहले सुजय कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन एनसीपी गठबंधन के कारण उन्हें टिकट नहीं मिल पाया। जिसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। अब भाजपा ने सुजय से मिलने वाले फायदे को भांपते हुए उन्हें टिकट दे दिया है।

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रक्षा निखिल खड़से-उल्हास वासुदेव

रावेर (महाराष्ट्र)

रावेर लोकसभा सीट पर 2009 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। तब से यह भाजपा के पास ही है। इस बार भाजपा ने यहां से अपनी मौजूदा सांसद रक्षा निखिल खड़से को ही मैदान में उतारा है। एनसीपी ने इस सीट से उल्हास वासुदेव पाटिल पर दांव लगाया है। रक्षा खडसे भाजपा के दिग्गज नेता एकनाथ खड़से की बहू हैं।

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जगदीश ठाकोर-भरतसिंह डाभी

पाटण (गुजरात)

पाटण गुजरात की उन सीटों में से एक है जहां राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारक जाते हैं। 1999 से अब तक यहां कांग्रेस भाजपा को कांटे की टक्कर देती रही है। 2019 के आम चुनावों में भी कांग्रेस यहां भाजपा के लिये बड़ी चुनौती बन सकती है। इस बार यहां से भाजपा के भरतसिंह डाभी और कांग्रेस के जगदीश ठाकोर एक दूसरे के सामने खड़े हैं, वहीं एनसीपी ने कीर्तिभाई चौधरी को टिकट दिया है। 
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डॉ. उमेश जी जाधव-मल्लिकार्जुन खड़गे

गुलबर्गा (कर्नाटक)

कर्नाटक की गुलबर्गा लोकसभा सीट पर भाजपा के डॉ. उमेश जी जाधव और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वर्तमान सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ताल ठोक रहे हैं। दोनों के बीच मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है। 2014 में मोदी लहर के बावजूद यहां कांग्रेस नेता खड़गे अपना परचम लहराने में कामयाब रहे थे।
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