साल 2007 में तत्कालीन वामपंथी सरकार नंदीग्राम में एक पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री स्थापित करने के लिए भूमि अधिग्रहण की कोशिश की जिसका स्थानीय नागरिकों, दलों और तृणमूल कांग्रेस ने विरोध किया था। जमीन अधिग्रहण करने की एक कोशिश करने में 14 मार्च, 2007 में पुलिस फायरिंग की गई जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई थी। पूरे साल हिंसा की घटनाओं के जारी रहने के बाद साल 2007, नवंबर में भूमि अधिग्रहण करने की दोबारा कोशिश की गई लोग मारे गए और सात ग्रामीण लापता हो गए थे।