फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

bday special : उतार-चढ़ाव से भरा रहा है लालू का छात्रनेता से किंगमेकर बनने का सफर

Sun, 11 Jun 2017 01:04 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : ANI
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव आज 69 साल के हो गए हैं। लालू यादव का जन्म गोपालगंज जिले के फुलवरिया गांव के एक गरीब परिवार में 11 जून 1948 को हुआ था। जन्मदिन के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके आवास पर जाकर उन्हे बधाई दी। मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास में लालू के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लालू और वह मिलकर बिहार के लोगों की सेवा कर रहे हैं। लालू ने मुख्यमंत्री सहित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया है। आइए आपको बताते हैं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलुओ के बारे में...
विज्ञापन

2 of 5
लालू प्रसाद यादव ने पटना यूनिवर्सिटी से बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है। लगभग चालीस साल पहले लालू जेपी आंदोलन के समय छात्र नेता के रूप में उभरे। छात्र नेता के रूप में उभरे लालू का सियासत में सितारा चमका और वह साल 1990 में पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए। लालू के मुख्यमंत्री बनने में एमवाई फैक्टर का बड़ा योगदान रहा। लालू उस दौर में यादव जाति के एकमात्र नेता थे, वहीं भागलपुर कांड के बाद कांग्रेस का पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक भी लालू के खाते में जा गिरा। जूलाई 1997 में लालू ने जनता दल से अलग होकर अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल का गठन किया।
विज्ञापन

3 of 5
लालू राज में सब कुछ सही चल रहा था कि अचानक अरबों रुपये के 'चारा घोटाला' का भंडाफोड़ हो गया। चारा घोटाला में अपनी गिरफ्तारी तय हो जाने के बाद लालू ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया। उसके बाद से आठ-नौ सालों तक लालू यादव पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री पद पर बिठा कर शासन चलाते रहे।

4 of 5
पत्नी राबड़ी देवी के राज में राज्य में कानून व्यवस्था बदहाल हो गई। राज्य में अपहरण और हत्या जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ने लगी थी। हर क्षेत्र में फैली दुर्दशा ने लालू-राबड़ी की छवि जनता के बीच बिगाड़ दी। हालांकि बिहार में एमवाई फैक्ट लालू की चुनाव में ताकत बना रहा, लेकिन यह सिलसिला बहुत लंबा नहीं चल सका। लालू- राबड़ी के शासन काल में पैदा हुए असंतोष ने नीतीश और भाजपा गड़बंधन को ताकत दी और भाजपा-नीतीश गठबंधन लालू के तिलिस्म को तोड़ने में कामयाब रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
भाजपा-नीतीश के गठबंधन को तोड़ लालू ने एक बार फिर बिहार की सत्ता हासिल कर ली। लालू ने नीतीश के साथ गठबंधन कर अपने एक बेटे को मंत्री तो दूसरे बेटे को उप मु्ख्यमंत्री बनवा लिया। हालांकि चारा घोटाला अभी भी उनके पिछे लगा हुआ है। हाल में लालू पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने सत्ता का गलत इस्तेमाल कर बेनामी लेन-देन के जरिए एक हजार करोड़ रुपये की संपत्ति अपने बच्चों के नाम करा ली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें