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जानिए, डोकलाम में चीन के मुकाबले कितनी मजबूत स्थिति में भारत

Thu, 10 Aug 2017 05:31 PM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
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- फोटो : The Washington Post
भूटान के डोकलाम में भारत और चीन के बीच ‌मची तकरार के बीच खबर आ रही है कि चीन ने सीमा पर अपनी आर्मी के रहने के लिए 80 से ज्यादा टेंट का निर्माण किया है। इन टेंट को चीन ने विवादित सीमा से एक किलोमीटर दूर बनाया है, ताकि सैनिकों को रहने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, चीन के करीब 800 सैनिक डोकलाम के पास बने इन टेंट में रह रहे हैं। वहीं ग्राउंड जीरो पर 300 सैनिक लगातार निगरानी रखे हुए हैं। चीन की हरकतों को देखते हुए बड़ा सवाल ये उठता है कि अगर सीमा पर युद्ध के हालात बनते हैं तो भारत वहां किस स्थिति में है? आइए, डालते हैं इस पर एक नजर।
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भौगोलिक रूप से मजबूत स्थिति में है भारत
डोकलाम में भारत चीन के मुकाबले ज्यादा मजबूत स्थिति में है और उसकी बड़ी वजह है इस क्षेत्र की भौगोलिक ‌स्थिति। जानकारों के अनुसार भारत यहां ऊंचाई पर है जबकि चीन निचले क्षेत्र में। ऐसे में अगर चीन यहां हमला करने की गलती करता है तो उसे यहां भारत के मुकाबले तीन गुणा सैनिकों को तैनात करना होगा। इसके अलावा चीन के विमानों को ऊंचे पठारों से उड़ान भरनी होगी जबकि भारत के लिए ये आमने सामने की टक्कर वाला मुकाबला होगा।
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- फोटो : file photo
सामरिक रूप से भी मजबूत है भारत
चीन से लगती 33 सौ किलोमीटर लंबी सीमा पर सिक्किम के नजदीक पड़ने वाला डोकलाम ही एक ऐसा इलाका है जहां भारत सामरिक रूप से भी काफी मजबूत स्थिति में है। पिछले कुछ समय से भारत ने सामरिक रूप से खुद को यहां काफी नजदीक किया है। जबकि चीन यहां अभी विस्तार ही कर रहा है। हालांकि डोकलाम विवाद बढ़ने के बाद चीन ने यहां सैनिकों और हथियारों का जमावड़ा बढ़ा दिया है।

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indian army - फोटो : indian army
सैन्य एयरबेस के मामले में भी मजबूत स्थिति में भारत
डोकलाम क्षेत्र में सैन्य एयरबेस के मामले में भी भारत काफी सुदृढ़ स्थिति में है। चीन को जहां तिब्बत में स्थित अपने बेस से सैन्य मदद मिलेगी वहीं भारत ने असम के तेजपुर में मजबूत सैन्य बेस बना ली है। यहां से एयरफोर्स के सुखाई 30 भी आसानी से उड़ान भर सकते हैं। 
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indian army - फोटो : File Photo
चीन सीमा के बेस पर मौजूद हैं भारत के तीन लाख सैनिक
1962 के युद्ध से सबक लेते हुए भारत ने पूर्वोत्तर में अपने सैनिकों की संख्या में भी इजाफा किया है। एक अनुमान के मुताबिक पूर्वोत्तर में चीन से लगती सीमा की सुरक्षा के लिए भारत ने अपने सैन्य इलाकों में तीन लाख सैनिकों की तैनाती कर रखी है। 
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पीएलए की एयरफोर्स को टक्कर देती है भारतीय एयरफोर्स
डोकलाम में अगर युद्ध के हालात बनते हैं तो तय है भारत वहां पूर्व की गलती न दोहराते हुए एयरफोर्स को तुरंत मोर्चे पर लगाएगा। ऐसे में मुकाबला दोनों तरफ से बराबरी का होगा, क्योंकि चीन की एयरफोर्स के मुकाबले भारतीय एयरफोर्स भी काफी प्रभावशाली है। भारतीय एयरफोर्स को दुनिया की छठे नंबर की शक्तिशाली एयरफोर्स माना जाता है चीन की एयरफोर्स को चौथे नंबर की। मतलब मुकाबला लगभग बराबरी का है। इसके अलावा ऊंचाई से युद्ध लड़ने का फायदा भी भारत को मिलना तय है। बता दें कि चीन से 1962 के युद्ध में भारत ने एयरफोर्स का इस्तेमाल नहीं किया था, जिसकी आजतक आलोचना की जाती है। ऐसे में मुश्किल है कि भारत पुरानी गलती दोबारा दोहराए।
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