छात्रावास में छात्रा की कथित आत्महत्या और उसके बाद अन्य नेपाली छात्रों को बाहर निकालने की कार्रवाई को लेकर जांच में तेज कर दी गई है। अब ओडिशा सरकार की उच्चस्तरीय समिति ने कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) के संस्थापक अच्युत सामंत को शुक्रवार को उसके समक्ष पेश होने को कहा है।
उच्च शिक्षा विभाग ने सामंत को लिखे पत्र में कहा, 'आपसे अनुरोध है कि आप 21 फरवरी को शाम साढ़े छह बजे राज्य अतिथि गृह में उच्च स्तरीय समिति के समक्ष उपस्थित हों। कार्यालयी आदेश में शर्तों के अनुसार समिति के समक्ष सबूत के तौर पर पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत करें।'
दरअसल, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सत्यब्रत साहू की अगुवाई में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। उसे आत्महत्या की परिस्थितियों, संस्थान के प्राधिकारियों की मनमानी कार्रवाई, विद्यार्थियों के एक खास समूह को ही नोटिस जारी करने, उनके लिए अनिश्चितकाल के लिए संस्थान बंद करने और अन्य संबंधित मामलों की जांच का जिम्मा दिया गया है।