शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया 'नई बीमारी' का जिक्र, बच्चों को है इससे खतरा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 27 Oct 2020 05:23 PM IST
विज्ञापन
1 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विज्ञापन मुक्त विशिष्ट अनुभव के लिए अमर उजाला प्लस के सदस्य बनें

Subscribe Now
भारत में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप अभी भी बरकार है लेकिन मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की एक रिपोर्ट में थोड़ी राहत की खबर आई। इसके मुताबिक देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 36 हजार 469 नए मामले सामने आए हैं, वहीं 488 लोगों की मौत हो गई। देश में कोरोना वायरस की मृत्यु दर लगातार घट रही है और अब मृत्यु दर 1.5 फीसदी हो गई है, वहीं रिकवरी दर बढ़कर 90.62 फीसदी हो गई है। 

यह पूरी जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से की गई प्रेस वार्ता के दौरान दी गई। हालांकि इस दौरान एक नई बीमारी का भी जिक्र किया गया। आइए जानते हैं इसके बारे में...

विज्ञापन

2 of 6
बलराम भार्गव, महानिदेशक, आईसीएमआर - फोटो : ANI
प्रेस वार्ता में आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि कावासाकी बीमारी एक ऑटो-इम्यून बीमारी है, जो 5 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है और यह भारत में न के बराबर है। मुझे नहीं लगता कि हमें भारत में अब तक कोविड-19 के साथ कावासाकी का कोई मामला सामने आया है, यह बहुत दुर्लभ स्थिति है। उन्होंने कहा कि भारत में 17 वर्ष से कम आयु वाले केवल 8 फीसदी बच्चे कोरोना पॉजिटिव हैं। इनमें भी पांच वर्ष से छोटे बच्चों की संख्या काफी कम है।
 

3 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्या है ये बीमारी? 
कावासाकी नाम की यह बीमारी एक बेहद ही दुर्लभ बीमारी है। इसमें शरीर पर चकत्ते और सूजन आने लगती है, साथ ही बुखार, सांस लेने में दिक्कतें और पेट से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। यह बीमारी मुख्य रूप से पांच साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है, लेकिन यह बड़ी उम्र के बच्चों (14-16 साल) को भी प्रभावित कर सकती है। इसकी वजह से बच्चों की रक्त कोशिकाएं फूल जाती हैं और उनके पूरे शरीर पर लाल चकत्ते निकल आते हैं। बच्चों को तेज बुखार के साथ ही उनकी आंखें भी लाल हो जाती हैं।
विज्ञापन

4 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के कलावती सरन अस्पताल में बच्चों में कावासाकी से जुड़े लक्षण दिखे थे। सभी बच्चे पहले से ही कोरोना वायरस से संक्रमित थे। यहां के शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र कुमार का कहना था कि 'हालांकि बच्चों में कावासाकी जैसे लक्षण देखने को मिले हैं, लेकिन ये साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता कि वो इसी बीमारी से संक्रमित हैं।'

5 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यूरोप में बच्चों में देखे जा चुके हैं इसके लक्षण 
यूरोप में कई जगहों पर बच्चों में इस बीमारी के लक्षण देखे जा चुके हैं। मई महीने में ब्रिटेन में करीब 100 बच्चों के इससे संक्रमित होने की बात सामने आई थी। हालांकि इस बीमारी से पीड़ित ज्यादातर बच्चे ठीक हो गए थे और उन्हें घर भेज दिया गया था, लेकिन यह बीमारी कुछ बच्चों के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकती है और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना भी पड़ सकता है।

6 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कितने दिनों बाद नजर आते हैं इसके लक्षण
ऐसा माना जा रहा है कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के कुछ हफ्तों बाद ही बच्चों में इस बीमारी के लक्षण नजर आते हैं। ब्रिटेन के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, हो सकता है कि ये बीमारी बच्चों के अलावा वयस्कों को भी प्रभावित कर रही हो। फिलहाल इसपर शोध जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।