प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ओडिशा के कालाहांडी जिले के गोलामुंडा ब्लॉक के किसानों की क्षेत्र में 'सब्जी क्रांति' के लिए सराहना की। पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में किसान उत्पादक संघ (एफपीओ) की स्थापना करने और आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर कालाहांडी जिले में 'सब्जी क्रांति' लाने के लिए किसानों की सराहना की। जानिए किसानों ने कैसे कम संसाधनों से अपनी तकदीर बदली है।
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कालाहांडी जिले में 'सब्जी क्रांति' के मुरीद पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
कभी गरीबी और लोगों के पलायन की वजह से भयावह स्थिति के लिए जाना जा रहा कालाहांडी अब नई इबारत लिख रहा है। कालाहांडी जिले के गोलामुंडा ब्लॉक में सामान्य मानसून एक अपवाद है। इस वजह से यहां लोग सब्जियों के लिए कई सालों तक आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़ पर निर्भर थे। लेकिन करीब दो साल पहले कुछ किसानों ने खेती और सिंचाई तकनीक, उर्वरक और सरकार की प्रगतिशील योजनाओं का इस्तेमाल कर यहां की तकदीर बदल दी।
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कालाहांडी जिले में 'सब्जी क्रांति'
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बता दें कि, कुछ प्रमुख सब्जी उत्पादक-उद्यमी किसानों के सहयोग से, 2022 में आठ ग्राम पंचायतों के मात्र 10 सदस्यों के साथ उत्पादक कंपनी पंजीकृत की गई। स्थापना के समय कंपनी की कुल शेयर पूंजी मात्र 1.78 लाख रुपये थी। अब शेयरधारकों की संख्या 212 हो गई है, जिनमें 45 महिलाएं हैं। वहीं अग्रहिचासी प्रोड्यूसर कंपनी की बदौलत गोलामुंडा ब्लॉक के किसानों की तरफ से उगाई गई सब्जियां अब ओडिशा के कई जिलों के अलावा दो पड़ोसी राज्यों तक पहुंच रही हैं। ये हरित क्रांति क्षेत्र के आठ ग्राम पंचायतों (जीपी) को सब्जी केंद्र में बदल रहा है।
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कालाहांडी जिले में 'सब्जी क्रांति'
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2023-24 में अग्रहिचसी कंपनी का कुल कारोबार 6.57 लाख रुपये था जो अक्तूबर के अंत तक 25.24 लाख रुपये तक पहुंच गया और चालू वित्त वर्ष के अंत तक 2 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने की उम्मीद है। यह सफलता टमाटर, करेला और हरी मिर्च की खेती और मार्केटिंग से मिली है। टमाटर 200 एकड़ और करेला 150 एकड़ से अधिक क्षेत्र में उगाया जाता है। जानकारी के मुताबिक, किसान मात्र 100 रुपये देकर सदस्य के रूप में नामांकन और शेयर खरीदने की प्रात्रता हासिल कर सकते हैं, जिसके लिए वे सरकार से एक निश्चित सीमा के भीतर बराबर की पूंजी प्राप्त कर सकते हैं।
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कालाहांडी जिले में 'सब्जी क्रांति'
- फोटो : PM Modi YouTube
मौजूदा समय में, उत्पादक कंपनी कुल आठ ग्राम पंचायतों को कवर करती है, जिसमें केगांव, नुआगांव, खलियापाली, छपरिया, महालिंग, धमनपुर, सिनापाली और कुहुरा शामिल है। किसान सदस्यों को उनकी फसल के लिए कृषि इनपुट और तकनीकी सेवाएं मिलती हैं। फसल कटने के बाद, उन्हें विपणन लिंकेज का विस्तार किया जाता है। अग्रहिचासी कंपनी की शुरुआत करने वाले नाग ने 2006 में मात्र 2.5 एकड़ जमीन से शुरुआत की थी और खेती और सिंचाई तकनीक, उर्वरक और सरकार की प्रगतिशील योजनाओं का इस्तेमाल कर आगे बढ़े, जो अब कंपनी के प्रबंध निदेशक भी हैं।
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कालाहांडी जिले में 'सब्जी क्रांति'
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वहीं पीएम मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा, 'जहां, कभी किसान, पलायन करने को मजबूर थे, वहीं आज, कालाहांडी का गोलामुंडा ब्लॉक एक सब्जी केंद्र बन गया है। यह परिवर्तन कैसे आया?' पीएम मोदी ने कहा, 'इसकी शुरुआत सिर्फ 10 किसानों के एक छोटे से समूह से हुई। इस समूह ने मिलकर एक 'किसान उत्पाद संघ' की स्थापना की, खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया, और आज उनका ये संघ करोड़ों का कारोबार कर रहा है। आज 200 से अधिक किसान इस संघ से जुड़े हैं, जिनमें 45 महिला किसान भी हैं।'
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कालाहांडी जिले में 'सब्जी क्रांति'
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प्रधानमंत्री ने कहा, 'कालाहांडी की यह सफलता हमें सिखाती है कि संकल्प शक्ति और सामूहिक प्रयास से क्या नहीं किया जा सकता। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि अपने क्षेत्र में किसान उत्पाद संघ को प्रोत्साहित करें, किसान उत्पादक संगठनों से जुड़ें और उन्हें मजबूत बनाएं।'
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कालाहांडी जिले में 'सब्जी क्रांति'
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वहीं ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'ओडिशा के कालाहांडी जिले में गोलामुंडा आज 'सब्जी केंद्र' बन गया है। किसान अब किसान उत्पादन संघों के माध्यम से हाथ मिला रहे हैं और आधुनिक खेती के तरीकों का उपयोग कर रहे हैं।
कालाहांडी जिले में 'सब्जी क्रांति'
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इसके साथ ही, ओडिशा के कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग के सचिव अरबिंद पाधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'आज (रविवार को) प्रधानमंत्री के मन की बात में हमारे कृषि उत्पादन केंद्र पहल को देखकर गर्व हुआ! कालाहांडी के गोलामुंडा में किसान उत्पादन संघ की सफलता का एक शानदार उदाहरण है। मुझे गांव का दौरा करने और परिवर्तनकारी बदलाव को प्रत्यक्ष रूप से देखने का सौभाग्य मिला है।'