श्रीहरिकोटा का अंतरिक्ष केंद्र में एनवीएस-2 उपग्रह के प्रक्षेपण मौके पर इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस सोम
- फोटो : इसरो यू-ट्यूब
लोकेशन आधारित सेवाओं का और सटीक इस्तेमाल संभव होगा
यूआर सैटेलाइट सेंटर की तरफ से डिजाइन और विकसित एनवीएस-2 उपग्रह का वजन लगभग 2,250 किलोग्राम है। इसमें अपने पूर्ववर्ती एनवीएस-01 की तरह सी-बैंड में रेंजिंग पेलोड के अलावा एल-1, एल-5 और एस बैंड में नेविगेशन पेलोड है। इसके जरिये जमीनी, हवाई और समुद्री नेविगेशन को और सटीक बनाने मदद मिलेगी। वहीं, कृषि संबंधी डाटा जुटाना, बेड़े का प्रबंधन करना और मोबाइल फोनों में लोकेशन आधारित सेवाओं का इस्तेमाल करना भी और आसान होगा। इसरो के मुताबिक, यह सैटेलाइट उपग्रहों के लिए कक्षा निर्धारण, इंटरनेट-ऑफ-थिंग्स (आईओटी) आधारित एप और आपातकालीन सेवाओं के लिहाज से भी बेहद अहम है।