नवनियुक्त इसरो प्रमुख वी नारायणन ने छात्रों से शिक्षा के साथ-साथ समग्र व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छात्रों को 'मूल्य' और 'बौद्धिकता आधारित' शिक्षा प्रणाली दोनों अपनाने चाहिए।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अध्यक्ष का पदभार संभालने से पहले इसरो के नवनियुक्त प्रमुख वी नारायणन ने छात्रों से अधिक अंक हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करने की अपील की। उन्होंने व्यक्तित्व के समग्र विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने पीएम मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए छात्रों को कड़ी मेहनत करनी चाहिए। देश और यहां के लोगों के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
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इसरो प्रमुख वी नारायणन
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा, छात्रों को सबसे पहले यह सीखना चाहिए कि कैसे पढ़ना है। छोटी उम्र में... जो चाहें पढ़ सकते हैं। छात्रों को 'मूल्य' और 'बौद्धिकता' आधारित दो शिक्षा प्रणालियों को अपनाना चाहिए। अपने अनुभव का जिक्र करते हुए भावी इसरो प्रमुख ने कहा, साधारण पृष्ठभूमि के बावजूद उनके माता-पिता ने सब कुछ पढ़ने का अवसर दिया... पूरा समर्थन किया। शादी के बाद, मुझे अपने परिवार और बच्चों से बहुत समर्थन मिला।
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इसरो प्रमुख वी नारायणन
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अंतरिक्ष विज्ञानी नारायणन ने कहा, प्रधानमंत्री का विजन 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र में बदलना है। छात्रों को कड़ी मेहनत कर देश और उसके लोगों के विकास के लिए काम करना चाहिए। बकौल नारायणन, 'अतीत में देश की इस अंतरिक्ष एजेंसी का नेतृत्व विक्रम साराभाई, सतीश धवन, देश के पहले उपग्रह निदेशक यूआर राव और कस्तूरी रंगन, माधवन नायर, के राधा कृष्णन और वर्तमान अध्यक्ष एस सोमनाथ जैसे कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक कर चुके हैं। उन्होंने कहा, अब मुझे इस महान संगठन का नेतृत्व करने के लिए चुना गया है। नारायणन ने कहा, नियुक्ति के लिए भगवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद।
नारायणन ने कहा, इसरो में उनके सहकर्मी हमेशा इस दृष्टिकोण के साथ काम करते हैं कि वे देश और उसके लोगों के कल्याण के लिए काम करें। उन्होंने कहा, 'हम सभी मानते हैं कि संगठन (इसरो) और देश व्यक्ति से ऊपर हैं। यहां हर कोई बहुत मेहनत कर रहा है।'