भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 27 नवंबर को पीएसएलवी-सी 47 रॉकेट के जरिए कार्टोसैट-3 को प्रक्षेपित करेगा। पहले इसे 25 नवंबर को लॉन्च करने के लिए शेड्यूल किया गया था। लेकिन, अज्ञात कारणों से इसरो ने इसकी लॉन्चिंग की तिथि में बदलाव किया है।
विज्ञापन
2 of 12
इसरो सैटेलाइट
- फोटो : PTI
कार्टोसैट-3 को 27 नवंबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह नौ बजकर 28 मिनट पर लॉन्च किया जाएगा। इसके साथ 13 अमेरिकी सैटेलाइट भी होंगे। इसरो के अनुसार 13 अमेरिकी नैनोसैटेलाइट लॉन्च करने की डील पर पहले ही हाल ही में बनाई गई व्यवसायिक शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड ने की थी।
विज्ञापन
3 of 12
Isro PSLV launch
- फोटो : PTI
कार्टोसैट-3 को 509 किलोमीटर ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा। स्पेसफ्लाइट के अनुसार इसरो दो और सर्विलांस सैटेलाइट- रीसैट-2बीआर1 और रीसैट-2बीआर2 को पीएसएलवीसी48 और सी49 रॉकेट के जरिए श्रीहरिकोटा से दिसंबर में लॉन्च किया जाएगा।
4 of 12
ISRO
इसरो ने 22 मई को सर्विलांस सैटेलाइट रीसैट-2बी और एक अप्रैल को एमिसैट (इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटेलाइट) को लॉन्च किया था। एमिसैट डीआरडीओ की दुश्मनों के रडार पर नजर रखने में मदद करता है। इस ऑपरेशनल सैटेलाइट को लॉन्च करने में छह महीने की देरी चंद्रयान-2 की वजह से हुई।
विज्ञापन
5 of 12
Spy Satellite
- फोटो : Social Media
सूत्रों के अनुसार, इस सैटेलाइट का प्रयोग खुफिया जानकारी जुटाने और सीमा पर चौकसी बनाने के लिए किया जाएगा। कहा जाता है कि पाकिस्तान में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के लिए कार्टोसैट-1 और 2 उपग्रहों से खुफिया जानकारी जुटाई गई थी। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
विज्ञापन
6 of 12
Spy Satellite
- फोटो : Social Media
कार्टोसैट उपग्रह से किसी भी मौसम में धरती की तस्वीरें ली जा सकती हैं। इसके जरिए आसमान से दिन और रात दोनों समय जमीन से एक फीट की ऊंचाई तक की साफ तस्वीरें ली जा सकती हैं।
विज्ञापन
7 of 12
खुफिया उपग्रह
- फोटो : Social Media
कार्टोसैट-3 का कैमरा इतना ताकतवर है कि वह अंतरिक्ष से जमीन पर 0.25 मीटर यानी 9.84 इंच की ऊंचाई तक की स्पष्ट तस्वीरें ले सकता है। जबकि अमेरिका की निजी स्पेस कंपनी डिजिटल ग्लोब का जियोआई-1 सैटेलाइट 16.14 इंच की ऊंचाई तक की तस्वीरें ही ले सकता है।
8 of 12
ISRO
कार्टोसैट सीरीज के उपग्रहों की जरुरत 26/11 आतंकी घटना होने के बाद महसूस की गई थी। कार्टोसैट-1 को पांच मई 2005 इसरो ने प्रक्षेपित किया था।
9 of 12
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
कार्टोसैट अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट है। जिससे पृथ्वी के किसी भी हिस्से की सबसे साफ तस्वीर ली जा सकती है। कहा यह तक जाता है कि इससे धरती पर खड़े किसी व्यक्ति के कलाई में बंधी घड़ी के समय को बताया जा सकता है।
10 of 12
satellite Image Pakistan
- फोटो : सोशल मीडिया
मुख्य रूप से इस सैटेलाइट का काम अंतरिक्ष से भारत की जमीन पर नजर रखना होगा। इसकी मदद से आपदाओं को रोका जा सकेगा जबकि ढांचागत विकास के लिए नई रुपरेखा तैयार करेगा।
11 of 12
satellite Image Pakistan
- फोटो : सोशल मीडिया
कार्टोसैट सीरीज के आठ सैटेलाइट अब तक लॉन्च किए जा चुके हैं। कार्टोसैट सीरीज का पहला सैटेलाइट कार्टोसैट-1 पांच मई 2005 को पहली बार लॉन्च किया गया था। इस सैटेलाइट का जीवनकाल पांच साल था।
कार्टोसैट-2 को 10 जनवरी 2007 को लॉन्च किया गया जबकि कार्टोसैट-2ए को 28 अप्रैल 2008 को लॉन्च किया गया। कार्टोसैट-2बी को 12 जुलाई 2010 को जबकि कार्टोसैट-2 को 22 जून 2016 को लॉन्च किया गया।