मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी को एक के बाद एक लगातार दो झटके लगे हैं। गुरुवार को सूरत की अदालत द्वारा दो साल की सजा का एलान होने के एक दिन बाद ही उनकी केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्यता भी खत्म कर दी गई है। वर्तमान कानून के मुताबिक, वे फिलहाल 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, हालांकि अगर ऊपरी अदालत से पूर्व कांग्रेस सांसद को राहत मिलती है तो यह स्थितियां बदल सकती हैं। इस घटनाक्रम ने इंदिरा गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने और मां सोनिया गांधी द्वारा सदन की सदस्यता से इस्तीफा देने की भी याद दिला दी है। गौरतलब है कि राहुल गांधी के साथ हुई यह कार्रवाई गांधी परिवार के साथ ऐसा पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 1978 में राहुल की दादी इंदिरा गांधी ने सदस्यता गंवाई थी। और साल 2006 में मां सोनिया गांधी ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दिया था। हालांकि इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी ने उपचुनाव में जीत हासिल करके सदन में एंट्री ले ली थी, लेकिन राहुल गांधी ऐसा नहीं कर पाएंगे। आइए जानते हैं इन तीनों मामलों में क्या अंतर है...