रेलवे ने एक बड़े चैलेंज को अंजाम देते हुए ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसको देखकर हर कोई अचंभे में है। ये कारनामा है एक पहाड़ पर टूट चुके बड़े पुल को मात्र 58 दिनों में ठीक कर दोबारा चालू करना। ये कारनामा इसलिए भी खास है कि इसे मात्र 58 दिनों में पूरा कर लिया गया जबकि डेडलाइन 60 दिनों की थी।
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- फोटो : indian express
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार 6-7 अक्टूबर को 700 टन की एक बड़ी चट्टान आंध्र प्रदेश की अराकू वैली में स्थित रेलवे के ब्रिज नंबर 249 पर जा गिरी। जिसके चलते दशकों पुराना यह पुल कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस चट्टान के चलते देश की सबसे पुरानी ब्रॉड गेज फ्रेट लाइन पर ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया।
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लेकिन रेलवे ने जल्द ही इस पुल की मरम्मत का जिम्मा उठाया और पांच दिन के अंदर इस पर युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया गया। शुरूआत में इसे पूरा करने के लिए 60 दिनों की डेडलाइन तय की गई।
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संयोग से इसी दौरान मुंबई में बनने वाले तीन फुटओवर ब्रिज को पूरा करने के लिए सेना को जिम्मा सौंपा गया था, जबकि इधर इस काम को पूरा करने की जिम्मेदारी रेलवे ने संभाली।
इस काम के लिए 400 से ज्यादा मजदूरों ने रातदिन यहां काम किया, अधिकारियों और मजदूरों की मेहनत रंग लाई और डेडलाइन से दो दिन पहले ही यह काम पूरा कर लिया गया। खास बात ये है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट में मात्र 7 करोड़ का खर्च आया, जो अपने आप में एक रिकार्ड है।