भारत के कई मंदिरों में आस्था के नाम पर हजारों भक्त हर रोज अपने बालों का दान करते हैं। हिंदू मान्यताओं और परम्परा में प्रचलित इस प्रथा की वजह से लोग अपने बालों का दान कर अपने भगवान को भक्तिभाव का अर्पण करते हैं, लेकिन इन सबसे अलग इस भारतीय परंपरा की वजह से एक बड़ी इंडस्ट्री जुड़ी हुई है। इंटरनेशनल फैशन इंडस्ट्री का आधार बनी इस परंपरा की वजह सैकड़ों मिलियन का बिजनेस होता है।
विज्ञापन
बेकार नहीं जाते मुंडन के बाल, लोग करते हैं करोड़ों की कमाई
2 of 9
- फोटो : AFP
एक मान्यता है कि भगवान विष्णु ने अपनी शादी के लिए लोन लिया था। यही वजह है कि भक्त हर साल उनका कर्ज चुकाने के लिए अपने सिर से बाल मुंडवाते हैं।
पढ़ें: गणेश उत्सव में 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारे क्यों लगाए जाते हैं, जानिए इसके कारण
विज्ञापन
बेकार नहीं जाते मुंडन के बाल, लोग करते हैं करोड़ों की कमाई
3 of 9
- फोटो : afp
इंसानों के बालों के बिजनेस में भारत एक बड़े एक्सपोर्टर के रूप में सामने आया है। पैसों की बात करें तो हर साल भारत सैकड़ों मिलियन डॉलर्स इन बालों को एक्सपोर्ट करके कमाता है।
बेकार नहीं जाते मुंडन के बाल, लोग करते हैं करोड़ों की कमाई
4 of 9
- फोटो : afp
भारतीयों के बालों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी कीमत मिलती है और इनका इस्तेमाल हेयर एक्सटेंशन और हेयर रिप्लेशमेंट में किया जाता है। इन सबके अलावा विग बनाने में भी इन बालों का खूब इस्तेमाल होता है।
पढ़ें: भारत की इस शापित जगह का नजारा है बेहद खौफनाक, कमजोर दिल वाले नहीं देख पाएंगे ये तस्वीरें
विज्ञापन
बेकार नहीं जाते मुंडन के बाल, लोग करते हैं करोड़ों की कमाई
5 of 9
- फोटो : afp
यूरोप, एशिया, अमेरिका और अफरीका सभी जगह भारतीयों के बालों की खूब मांग है।
विज्ञापन
बेकार नहीं जाते मुंडन के बाल, लोग करते हैं करोड़ों की कमाई
6 of 9
- फोटो : afp
मंदिरों से इन बालों को इकट्ठा करने के बाद इन्हें इनकी लंबाई, क्वालिटी के आधार पर अलग कर प्रोसेसिंग प्लांट्स में नीलामी के लिए भेज दिया जाता है।
विज्ञापन
बेकार नहीं जाते मुंडन के बाल, लोग करते हैं करोड़ों की कमाई
7 of 9
- फोटो : afp
इसके बाद अन्य बाकी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद ये बाल एक्सपोर्ट्स करने वाली फर्म को भेज दिए जाते हैं।
बेकार नहीं जाते मुंडन के बाल, लोग करते हैं करोड़ों की कमाई
8 of 9
- फोटो : afp
मंदिर प्रशासन इस तरह के व्यवसाय को सही ठहराते हुए कहते हैं कि ये बाल वैसे भी कूड़े में जा रहे होते हैं। इनसे कमाई होने की स्थिति में इन पैसों का इस्तेमाल सामाजिक कार्यों में होता है।
बेकार नहीं जाते मुंडन के बाल, लोग करते हैं करोड़ों की कमाई
9 of 9
- फोटो : afp
विदेशों में एक्सपोर्ट किए गए ये बाल विदेशों में बनी एयर प्रोसेसिंग यूनिट्स से अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट्स के रूप में तैयार किए जाते हैं। अक्सर बांड्रेड और फिनिश्ड प्रोडक्ट भारतीय बाजारों में भी लौटकर आते हैं।