पाक अधिकृत कश्मीर में सक्रिय आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना ने रविवार को जबरदस्त जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान लगभग 50 से ज्यादा की संख्या में आतंकी मारे गए जबकि कई अन्य घायल हो गए।
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- फोटो : सोशल मीडिया
शनिवार रात और रविवार सुबह पाक सेना ने सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। इस दौरान पाक द्वारा की गई फायरिंग में भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए। पाक के इस दुस्साहस का भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया।
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भारत ने 77-बी बोफोर्स और स्वदेशी बोफोर्स गन का इस्तेमाल करते हुए पाक अधिकृत कश्मीर में बने आतंकी ठिकानों पर भीषण गोलीबारी की। भारत ने कारगिल युद्ध में भी इसी 77-बी बोफोर्स गन का प्रयोग किया था।
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स्वीडन में बनी 77-बी बोफोर्स गन 42 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक सटीक निशाना लगा सकती है। इससे 105 एमएम, 160 एमएम और 120 एमएम के गोले दागे जा सकते हैं।
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77-बी बोफोर्स गन का बैरल 70 डिग्री तक घूम सकता है और 42 किलोमीटर तक मार कर सकता है। यह तोप 14 सेकेंड में तीन राउंड फायर कर सकता है।
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स्वीडन की इस तोप ने कारगिल युद्ध के दौरान अपने दम पर पूरे युद्ध का रूख ही बदल दिया था। ऊंचाई पर बंकरों में छिपकर बैठे दुश्मनों को मार गिराने में इस तोप की फायर पावर ने बहुत मदद की थी।
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धनुष तोप
भारत में कानपुर स्थित आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड ने धनुष बोफोर्स गन का निर्माण किया है। इसे इसी साल जनवरी में सेना में शामिल किया गया है। इसके बैरल का वजन 2692 किलोग्राम जबकि लंबाई आठ मीटर है।
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स्वदेशी धनुष गन की रेंज 40+ किलोमीटर है जो एक मिनट में दो फायर करने में सक्षम है। इससे फायर होने वाले गोले का वजन 46.5 किलोग्राम है।
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धनुष तोप
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खुफिया सूत्रों के अनुसार, इन आतंकियों को पाक सेना राशन-पानी मुहैया करा रही थी। बताया जा रहा है कि पीओके में अब भी 200 से 300 की संख्या में आतंकी सक्रिय हैं।
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धनुष तोप
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इसलिए बोफोर्स का हुआ इस्तेमाल
आर्टिलरी गन से आतंकी ठिकानों पर सटीक बमबारी की जा सकती है। इसके लिए दुश्मन के इलाके में जाने की जरुरत भी नहीं पड़ती।
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धनुष तोप
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गन के रेंज को आसानी से बदला जा सकता है। पीओके में एलओसी के पार लॉन्चिंग पैड काफी नजदीक हैं। कुछ पैड 500 मीटर की दूरी पर स्थित हैं। जहां तोप के गोले ने तबाही मचा दी।
सेना से जुड़े सूत्रों ने साफ किया है कि आतंकी ठिकानों के खिलाफ की गई यह कार्रवाई सर्जिकल स्ट्राइक या बालाकोट जैसी कार्रवाई नहीं है। इससे पाक सेना को सख्त संदेश दिया गया है।