सीसीएस की बैठक में पांच बड़े फैसले
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गैर सैन्य कार्रवाई करते हुए भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रहार किया। इससे पाकिस्तान की कृषि, जल आपूर्ति और ऊर्जा उत्पादन पर गंभीर असर पड़ा। इसके साथ ही अटारी-वाघा सीमा और द्विपक्षीय व्यापार बंद कर दिया गया। भारत ने पाकिस्तान के सभी नागरिकों के वीजा रद्द कर उन्हें देश से निकाला और पाकिस्तानी कलाकारों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया, जिससे पाकिस्तान की सांस्कृतिक पहुंच भी समाप्त हो गई। सैन्य मोर्चे पर भारतीय सेना ने नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। इसमें पाकिस्तान में बहावलपुर, मुरिदके जैसे चार बड़े गढ़ और पीओके में मुजफ्फराबाद व कोटली जैसे पांच अड्डों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। पाकिस्तान ने पिछले तीन दशकों में इन्हें तैयार किया था और यहां आतंकियों की नर्सरी चलाता था। ये ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा जैसे संगठनों के मुख्यालय थे। वहीं एलओसी पर पाकिस्तानी गोलाबारी के जवाब में भारत ने सटीक कार्रवाई करते हुए आतंकी बंकर और पाकिस्तानी सेना की चौकियों को नष्ट किया।