गौरव
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उनकी इस पोस्ट पर कैसी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं?
गौरव बताते हैं, "इस पोस्ट के बाद कई लोगों ने फोन कर विवाह की इच्छा जताई है। इनमें डाक्टर और मैरीन इंजीनियर से लेकर शिक्षक तक शामिल हैं। उनमें से किसी योग्य पात्र को तलाश कर मां का दूसरा विवाह कराना ही फिलहाल मेरा प्रमुख लक्ष्य है।"
लेकिन क्या समाज के लोग इस पोस्ट के लिए आपका मजाक नहीं उड़ा रहे हैं?
गौरव का कहना है कि "पीठ पीछे तो लोग लाख तरह की बातें करते हैं। लेकिन अब तक सामने किसी ने कुछ नहीं कहा है। वह कहते हैं, मैंने महज प्रचार पाने के लिए यह पोस्ट नहीं लिखी है। बहुत से युवक-युवतियां मेरी तरह अपने मां-बाप के बारे में जरूर सोचते होंगे। लेकिन समाज के डर से वह लोग आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।"
गौरव को उम्मीद है कि उनकी इस पहल से ऐसे दूसरे लोग भी आगे आएंगे। गौरव जिस बऊबाजार इलाके में रहते हैं उसी मोहल्ले के शुभमय दत्त कहते हैं, "ये एक अच्छी पहल है। कई लोग कम उम्र में ही पति या पत्नी के निधन से अकेले पड़ जाते हैं। रोजी-रोटी की व्यस्तता की वजह से संतान भी उनका वैसा ध्यान नहीं रख पाती। ऐसे में जीवन की दूसरी पारी की शुरुआत का विचार बुरा नहीं है।"
एक सामाजिक संगठन मानविक वेलफेयर सोसायटी के सदस्य सोमेन भट्टाचार्य कहते हैं, "ये पहल सराहनीय है। लोग तो कुछ न कुछ कहेंगे ही। लेकिन अपनी मां के भविष्य के बारे में एक पुत्र की यह चिंता समाज की बदलती मानसिकता का संकेत है।"