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चीन-पाक के 'थंडरबर्ड' को पलक झपकते खत्म कर देगा स्वदेशी तेजस, ये हैं विशेषताएं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 19 Sep 2019 11:21 AM IST
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एलसीए तेजस - फोटो : IAF Website
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 19 सितंबर को बंगलूरू में स्वदेशी तकनीक पर विकसित लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी। बतौर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की किसी लड़ाकू विमान में यह पहली उड़ान है। इसके साथ ही वह पहले ऐसे रक्षा मंत्री भी बन गए हैं जिन्होंने तेजस में उड़ान भरी है।

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एलसीए तेजस - फोटो : IAF Website
स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह चीन-पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किए गए थंडरबर्ड पर भी भारी पड़ सकता है। यह लगभग सभी मामलों में चीन-पाक द्वारा मिग-21 को कॉपी करके बनाए गए थंडरबर्ड से बेहतरीन है।

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एलसीए तेजस - फोटो : IAF Website
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब बहरीन इंटरनेशनल एयर शो में तेजस को प्रदर्शित करने की बात की गई थी, तब पाकिस्तान और चीन ने बेइज्जती से बचने के लिए थंडरबर्ड को प्रदर्शनी से हटा लिया था।

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एलसीए तेजस - फोटो : IAF Website
तेजस एयरक्राफ्ट की सर्वाधिक गति 1.6 मैक है। 2000 किलोमीटर की रेंज को कवर करने वाले तेजस का अधिकतम थ्रस्ट 9163 केजीएफ है।

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एलसीए तेजस - फोटो : IAF Website
इसमें कांच का कॉकपिट, हैलमेट माउंटेड डिस्प्ले, मल्टी मोड रडार, कम्पोजिट स्ट्रक्चर और फ्लाई बाय वायर डिजिटल सिस्टम जैसे आधुनिक फीचर हैं।

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एलसीए तेजस - फोटो : IAF Website
इस जेट पर दो आर-73 एयर-टू-एयर मिसाइल, दो 1000 एलबीएस क्षमता के बम, एक लेजर डेजिग्नेशन पॉड और दो ड्रॉप टैंक्स हैं।

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एलसीए तेजस - फोटो : IAF Website
एक तेजस को बनाने में लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। ज्यादातर भारतीय तकनीकी होने के बावजूद इस लड़ाकू विमान का इंजन अमेरिकी है, रडार और वेपन सिस्टम इजरायल का और इजेक्शन सीट ब्रिटेन की है।

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एलसीए तेजस - फोटो : IAF Website
तेजस का वजन 12 टन है और इसकी लंबाई 13.2 मीटर है। इसके पंख का फैलाव 8.2 मीटर है जबकि, ऊंचाई 4.4 मीटर है और रफ्तार 1350 किमी प्रति घंटा है।

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एलसीए तेजस - फोटो : IAF Website
दुश्मनों के विमानों से निपटने के लिए इस्तेमाल होने वाले इसका मिशन कम्प्यूटर भारतीय तकनीकी पर आधारित है।

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Rajnath Singh Tajes - फोटो : ANI
इस लड़ाकू विमान में आर-73 एयर टू एयर मिसाइल, लेजर गाइडेड मिसाइल और बियांड विजुवल रेंज अस्त्र मिसाइल लगाई जा सकती है। 

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एलसीए तेजस और पायलट की ड्रेस पहने राजनाथ सिंह - फोटो : ANI
इस जेट को बनाने में भारत निर्मित कार्बन फाइबर का इस्तेमाल किया गया है। इसकी वजह से यह हल्का और धातु के मुकाबले बेहद मजबूत है।

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LCA Tejas - फोटो : ANI
तेजस में फ्लाई बाय वायर सिस्टम है। इसके जरिए विमान को उड़ाने में सहायक कम्प्यूटर नियंत्रित इनपुट्स मिलते हैं। यह पूरी तरह भारतीय तकनीक है।

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LCA Tejas - फोटो : ANI
प्लेन में लगा मुख्य सेंसर 'तरंग रडार' पायलट को दुश्मन जेट्स या जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल के बारे में बताता है। यह सेंसर भी भारत में बना है। 

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IAF Tejas - फोटो : HAL Website
तेजस लड़ाकू विमान का नामांकरण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। जिसका अर्थ होता है सबसे तेज।
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