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अम्मा की कुर्सी तक कैसे पहुंचीं चिनम्मा, जानिए शशिकला से जुड़ी 10 बातें

Mon, 06 Feb 2017 10:24 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
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जयललिता के पार्थिव शरीर के साथ शशिकला नटराजन
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की देहांत के बाद हर जगह सवाल उठने लगे थे कि उनके बाद एआईडीएमके की कमान कौन संभालेगा। लेकिन अम्मा के निधन के बाद पार्टी ने उस वक्त मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने वाले ओ पनीरसेल्वम को विधायक दल का नेता चुनकर मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवाई। लेकिन अब 2 महीने बाद जयललिला की सबसे करीबी मानी जाने वाली शशिकला नटराजन को विधायक दल का नेता चुना गया है। अब वह प्रदेश की नई मुख्यमंत्री होंगी आईए जानते हैं शशिकला के जीवन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें...
 
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अम्मा की कुर्सी तक कैसे पहुंचीं चिनम्मा, जानिए शशिकला से जुड़ी 10 बातें

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amma is no more - फोटो : PTI
फिल्मों का शौक शशिकला को जयललिता के करीब ले आया। शशिकला का जन्‍म तंजौर जिले के मनारगुड़ी में हुआ था। शशिकला ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। पैसे कमाने के लिए शशिकला एक वीडियो शॉप चलाती थीं और आसपास के इलाकों में होने वाली शादियों की रिकॉर्डिंग करती थीं। 
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शशिकला
शशिकला की शादी तमिलनाडु की सरकार में पब्लिक रिलेशस ऑफिसर (पीआरओ) नटराजन से हुई थी। पति नटराजन कडलोर जिले के डीएम वीएस चंद्रलेखा के साथ थे। चंद्रलेखा तमिलनाडु के तत्कालीन एमजीआर के करीब थीं। एमजीआर अपनी सहअभिनेत्री जयललिता के भी काफी करीबी थे।

अम्मा की कुर्सी तक कैसे पहुंचीं चिनम्मा, जानिए शशिकला से जुड़ी 10 बातें

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शशिकला
चंद्रलेखा ने एमजीआर से अनुरोध किया कि एक बार शशिकला को जयललिता से मिलवा दिया जाए। फिल्मों की शौकीन शशिकला जयललिता का एक वीडियो शूट करना चाहती थीं। यहीं से दोनों के बीच संबंध का एक नया सिलसिला शुरू हुआ। शशिकला, जयललिता की इतनी अच्‍छी दोस्‍त बन गईं कि उनके घर पर ही रहने लगीं। 1988 में शशिकला का पूरा परिवार जयललिता के घर पर शिफ्ट हो गया। 
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शशिकला
इसके बाद धीरे-धीरे शशिकला का राजनीतिक कद बढ़ता गया। शशिकला ही तय करतीं कि अम्‍मा से कौन मिलेगा और कौन नहीं। पार्टी के हर बड़े फैसले में शशिकला की भूमिका होती थी। पार्टी से किसे निकाला जाए यह भी वही तय करती थीं।
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jayalalithaa
साल 1995 में शशिकला के भतीजे सुधाकरण को जयललिता ने गोद ले लिया। सुधाकरण की शादी राजशाही तरीके से की गई जिसमें अथाह पैसा खर्च किया गया। इसे 1996 में जयललिता के चुनाव हारने का एक बड़ा कारण भी माना गया। उस वक्त ये कयास लग रहे थे कि जयललिता की विरासत सुधाकरण ही संभालेंगे, लेकिन वर्ष 1996 में अम्मा ने सुधाकरण से नाता तोड़ लिया लेकिन दूसरी तरफ शशिकला के साथ उनके रिश्तों की मजबूत कम नहीं हुई। 


 
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अम्मा की कुर्सी तक कैसे पहुंचीं चिनम्मा, जानिए शशिकला से जुड़ी 10 बातें

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21 Untold Facts about Jayalalithaa
अम्मा और चिनम्मा दोनों को 7 दिसंबर 1996 को कलर टीवी घोटाले में गिरफ्तार किया गया। अदालत ने दोनों को 30 दिनों की हिरासत में भेजा था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया था। तांसी जमीन अधिग्रहण मामले में निचली अदालत ने दोनों को दो-दो वर्ष की सजा सुनाई थी, लेकिन मद्रास हाई कोर्ट ने शशिकला को इस मामले में बरी कर दिया था।

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21 Untold Facts about Jayalalithaa
साल 2011 में शशिकला पर आरोप लगा था उन्होंने अपने पति नटराजन को मुख्यमंत्री बनाने के लिए धीमा जहर देकर जयललिता को मारने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें घर और पार्टी से निकाल दिया गया। शशिकला द्वारा माफी मांगने के उन्हें पार्टी में दोबारा शामिल कर लिया गया। 

 

अम्मा की कुर्सी तक कैसे पहुंचीं चिनम्मा, जानिए शशिकला से जुड़ी 10 बातें

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नहीं रहीं जयललिता, शोक में डूबे समर्थक - फोटो : ANI
जयललिता की बेहद करीबी मानी जाने वाली शशिकला नटराजन ने अम्मा के अंतिम संस्कार के दौरान अंतिम रस्मों को निभाया। अम्मा के बाद चिनम्मा यानी शशिकला को एआईएडीएमके का सबसे कद्दावर नेता माना जाता था। यह बात बेहद कम लोग जानते हैं कि जयललिता के कई फैसलों के पीछे शशिकला होती थीं। 
 
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जयललिता
शशिकला जयललिता की सबसे बड़ी राजदार भी थीं। हालांकि कई बार दोनों के के रिश्ते के बीच दरार भी आई, बावजूद इसके वह अंतिम सांस तक जयललिता के साथ रहीं। चेन्नई के अपोलो अस्पताल में जयललिता से मिलने की अनुमति केवल शशिकला को थी। 
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