हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सबजार अहमद भट को सेना ने मार गिराया। लेकिन फिर भी इस संगठन के कमांडरों में अपने जान को दांव पर लगाने में कोई कमी नहीं आएगी। सबजार की मौत के बाद अब सद्दाम पद्दर उसके खून का बदला लेने मैदान में उतर चुका है।
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पद्दार एक लकड़ी व्यापारी का बेटा है। उसने आतंकवादी गतिविधियों की शुरुआत पत्थरबाजी से शुरु की थी। रिकॉर्ड के मुताबिक घाटी में व्यवधान पैदा करने के अलावा इस पर और कोई गंभीर आरोप नहीं है। लेकिन घाटी के खिलाफ उसने हथियार उठा लिए हैं जो भविष्य में काफी भयावह हो सकती है।
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वह संगठन द्वारा कमांडरों की जारी की गई तस्वीर में जीवित बचे तीन लोगों में से एक हैं। सद्दाम के अलावा जाकिर मुसा और तारिक पंडित जीवित हैं। जाकिर मुसा ने हाल ही में हिजबुल की सदस्यता को त्याग दिया जबकि तारिक पंडित ने अपनी प्रेमिका के कहने पर आत्मसमर्पण कर लिया और आजकल वो पुलिस हिरासत में है।
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जम्मू कश्मीर के एक सीनियर पुलिस अधिकारी के अनुसार पद्दार काफी कठोर है और वह संगठन के उद्देश्यों के लिए प्रतिबद्ध है। वह नए युवा लोगों में से एक है जिसपर बुरहान, मुसा और सबजार जैसी जिम्मेदारी है। वे लोग बहुत ज्यादा प्रशिक्षित नहीं हैं।
इसके अलावा वे किसी विचारधारा से भी प्रेरित नहीं हैं, लेकिन खुद में वे गुरिल्ला हीरो की छवि देखते हैं। इन चारों में एक चीज जो सामान्य है वह ये है कि ये चारों मरने और मारने के लिए तैयार किए गए थे।