फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal Election Result: हिमाचल में कैसे हारी BJP, क्या अब भी भाजपा के पास सरकार बनाने का कोई विकल्प है?

Fri, 09 Dec 2022 10:32 AM IST
हिमांशु मिश्रा इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सवाल है कि आखिर कैसे भाजपा के हाथों से हिमाचल प्रदेश निकल गया? इसके क्या मायने हैं? क्या अब भी भाजपा सरकार पास सरकार बनाने का कोई विकल्प बचा है? आइए समझते हैं...
 
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 मतगणना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस ने आखिरकार भाजपा के हाथों से सत्ता छिन ली। चुनाव में कांग्रेस ने 40 सीटों पर हासिल की। जो बहुमत के आंकड़े 35 से ज्यादा है। तीन सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी आगे हैं।     

ऐसे में सवाल है कि आखिर कैसे भाजपा के हाथों से हिमाचल प्रदेश निकल गया? इसके क्या मायने हैं? क्या अब भी भाजपा सरकार पास सरकार बनाने का कोई विकल्प बचा है? आइए समझते हैं...
 
विज्ञापन

2 of 8
हिमाचल प्रदेश चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
भाजपा की हार के पांच बड़े कारण क्या हैं? 
इसे समझने के लिए हमने राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अजय कुमार सिंह से बात की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में भाजपा की हार के तीन बड़े कारण को बताया। साथ में ये भी बताया कि क्या चुनाव हारने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी सरकार बना सकती है? 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 8
भाजपा - फोटो : Social Media
1. बगावत ने छीन ली सत्ता: हिमाचल प्रदेश में प्रत्याशियों के एलान के बाद  सबसे ज्यादा बगावत भारतीय जनता पार्टी में दिखी। भाजपा के 21बागियों ने निर्दलीय ही चुनावी मैदान में ताल ठोक दी थी। कुछ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में भी चले गए। इसके चलते भाजपा के वोटों में बड़ी सेंधमारी हुई। इसका फायदा कांग्रेस को हुआ।
 

4 of 8
जयराम ठाकुर - फोटो : twitter.com/SukhuSukhvinder
2. स्थानीय नेताओं से नाराजगी: स्थानीय नेताओं और मंत्रियों को लेकर लोगों के बीच काफी नाराजगी थी। बड़ी संख्या में लोगों का कहना था कि नेता उनकी बातें नहीं सुनते हैं। क्षेत्र में भी नहीं रहते। इसके बावजूद पार्टी ने टिकट दिया। कुछ प्रत्याशियों पर परिवारवाद का भी आरोप लगा। जैसे- मनाली के प्रत्याशी और शिक्षामंत्री गोविंद ठाकुर हैं। गोविंद के पिता भी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ते रहे हैं। ऐसे में स्थानीय लोग उनसे काफी नाराज रहे। 
 
विज्ञापन

5 of 8
हिमाचल में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन करती कांग्रेस। - फोटो : अमर उजाला
3. महंगाई-बेरोजगारी का मुद्दा भी रहा अहम : कोरोना के बाद पूरे देश की आर्थिक स्थिति में काफी बदलाव आया। हिमाचल प्रदेश के आय का स्त्रोत पर्यटन है। कोरोनाकाल में ये पूरी तरह ठप पड़ गया था। इसके बावजूद यहां के लोगों को कुछ राहत नहीं मिली। इस बीच, महंगाई और बेरोजगारी भी काफी बढ़ गई। इसके चलते भी लोगों में सरकार के खिलाफ काफी नाराजगी दिखी। 
 
विज्ञापन

6 of 8
कांग्रेस ने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया है। - फोटो : अमर उजाला
4. कांग्रेस के लुभावने वादे: इस बार चुनाव में कांग्रेस ने कई लुभावने चुनावी वादे किए। पुरानी पेंशन योजना से लेकर 300 यूनिट मुफ्त बिजली, स्कूलों की बेहतर स्थिति और पर्यटन को बढ़ावा देने जैसी कई लुभावने वादे हुए। इसका असर भी मतदान में देखने को मिला। 
 
विज्ञापन

7 of 8
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सीएम जयराम - फोटो : अमर उजाला
5. भाजपा के पास नेतृत्व की कमी: भारतीय जनता पार्टी के पास हिमाचल प्रदेश में नेतृत्व की कमी दिखी। 2020 में हुए उपचुनाव के दौरान भी ये साफ हो गया था। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लोगों के बीच ज्यादा लोकप्रिय नहीं हो पाए। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के खिलाफ भी लोगों की नाराजगी दिखी। 
 

8 of 8
हिमाचल प्रदेश चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
क्या हार के बाद भी सरकार बना सकती है भाजपा? 
गोवा, असम, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी,कर्नाटक, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में ऐसा हो चुका है। जहां, चुनाव हारने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनाने में कामयाबी हासिल कर ली। यही कारण है कि हिमाचल प्रदेश को लेकर भी इस तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। अभी हिमाचल प्रदेश में भाजपा के 25 सीट जीतती दिख रही है। यहां बहुमत का आंकड़ा 35 है। ऐसे में सरकार बनाने के लिए भाजपा को 10 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। तीन निर्दलीय भी अगर भाजपा के समर्थन में आ जाएं तो भी भाजपा बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाएगी। हालांकि, अगर कांग्रेस के विधायक टूटकर भाजपा में शामिल होते हैं, तो जरूर आगे चलकर बड़ा उलटफेर हो सकता है। ऐसे में भाजपा की सरकार बन सकती है। हालांकि, फिलहाल ये संभव नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन
Next