वायनाड में भूस्खलन
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सेना के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सहायता के लिए हमको सुबह साढ़े चार बजे संदेश मिला था। जिसके बाद आधिकारिक तौर पर सुबह साढ़े 10 बजे मदद मांगी गई, जिसके बाद सेना घटना स्थल की ओर रवाना हई।
घटना स्थल के लिए शुरुआत में रक्षा सुरक्षा कोर (डीएससी) केंद्र, कन्नूर से दो, आपदा राहत (एचएडीआर) कॉलम और 122 टीए बटालियन, कोझीकोड से दो एचएडीआर टीमें भेजी गईं थीं।