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Health Alert: सामान्य नहीं रही सर्दी-खांसी, फैला नया इन्फ्लूएंजा; मरीजों में मिल रहा एच3एन2 का संक्रमण

Tue, 03 Sep 2024 04:48 AM IST
ज्योति भास्कर परीक्षित निर्भय, अमर उजाला

सार

मौसम में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में सर्दी-खांसी-बुखार के मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ये मामले सामान्य नहीं हैं, क्योंकि नया इन्फ्लूएंजा फैल रहा है। मरीजों में एच3एन2 का संक्रमण मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 100 से ज्यादा नमूनों में इन्फ्लूएंजा मिलने के बाद कोरोना जैसे नियमों का पालन करने की अपील की है।
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सेहत से जुड़ी बड़ी चिंता आई सामने, इन्फ्लूएंजा को लेकर अलर्ट - फोटो : एएनआई
लगातार और तेजी से बदल रहे मौसम में बड़ी संख्या में लोग सर्दी-खांसी की समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि, नया इन्फ्लूएंजा फैलने के कारण ये सर्दी-खांसी और बुखार के लक्षण सामान्य नहीं हैं। मौसमी वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों में एच3एन2 का संक्रमण पाया जा रहा है। तबीयत अधिक बिगड़ने पर मरीजों को अस्पतालों में भर्ती होना पड़ रहा है।
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देश के ज्यादातर हिस्सों में एच3एन2 वायरस तेजी से बढ़ रहा

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सेहत से जुड़ी बड़ी चिंता आई सामने, इन्फ्लूएंजा को लेकर अलर्ट - फोटो : एएनआई
मानसून के बीच सरकार के इन्फ्लूएंजा ट्रैकर ने एक बार फिर एच3एन2 संक्रमण का अलर्ट दिया है। यह मौसमी इन्फ्लूएंजा एच1एन1 का एक उपप्रकार है जो अभी देश के ज्यादातर हिस्सों में फैला है। इसके चलते मानसून में अक्सर होने वाली सर्दी-खांसी अब सामान्य नहीं रही। संक्रमित मरीजों को अस्पतालों में भर्ती करने की नौबत आ रही है। साथ ही परिवार के सदस्यों को यह तेजी से चपेट में ले रहा है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक चार सप्ताह से देश के ज्यादातर हिस्सों में एच3एन2 वायरस तेजी से बढ़ रहा है। बीते सप्ताह करीब 42 % नमूनों में इसकी पुष्टि हुई है।

आईसीएमआर का मानना है कि गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण के साथ अस्पताल में भर्ती होने वाले सभी रोगियों में से करीब 50 फीसदी में एच3एन2 पाया गया। यह मौसमी इन्फ्लूएंजा एक तीव्र श्वसन संक्रमण है जो इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है। केंद्रीय स्वास्थ्य  मंत्रालय ने बताया कि देश में हर साल मौसमी इन्फ्लूएंजा का दो बार पीक देखा गया है। पहला जनवरी से मार्च और दूसरा मानसून के बाद के मौसम में आता है। इस साल यह अगस्त में ही दिखाई देने लगा है। इसका सबसे ज्यादा जोखिम पांच वर्ष तक के बच्चे और 60 वर्ष या उससे अधिक की बुजुर्ग आबादी हो सकती है।
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100 से ज्यादा नमूनों में मिला इन्फ्लूएंजा; कोरोना जैसे नियमों का पालन करने की अपील

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सेहत से जुड़ी बड़ी चिंता आई सामने, इन्फ्लूएंजा को लेकर अलर्ट - फोटो : एएनआई
आईसीएमआर के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के मुताबिक, अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जब इन्फ्लूएंजा जांच की जाती है तो उसकी जानकारी केंद्रीय स्तर पर बने एक नेटवर्क तक पहुंचती है जो आईसीएमआर के अधीन है। बीते एक सप्ताह में यहां करीब 100 से नमूनों में बिगड़ैल इन्फ्लूएंजा की पुष्टि हुई है, जिसे एच3एन2 संक्रमण कहते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कोरोना महामारी में जिस तरह बचाव उपायों का पालन किया, उसी तरह अभी भी अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ करना चाहिए। हल्की सर्दी या खांसी के लक्षण होने पर मास्क जरूर पहनें और भीड़भाड़ से दूर रहें। अपनी आंखों और नाक को बार बार स्पर्श करने से बचें। तरल पदार्थ का सेवन करें और बुखार या शरीर में दर्द होने पर पैरासिटामॉल दवा का सेवन करें।
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घनी आबादी में तेजी से फैलता है; एच3एन2 वायरस अत्यधिक संक्रामक

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सेहत से जुड़ी बड़ी चिंता आई सामने, इन्फ्लूएंजा को लेकर अलर्ट - फोटो : एएनआई
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने जारी अलर्ट में कहा है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में एच3एन2 संक्रमण काफी तेजी से फैलता है। डब्ल्यूएचओ ने इसके प्रसार को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने और समय पर जांच जरूरी बताई है।

आईसीएमआर के अनुसार, जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है तो श्वसन बूंदों के माध्यम से एच3एन2 फैलता है। इसके लक्षण मौसमी फ्लू के समान हैं और इसमें बुखार, गले में खराश, खांसी, थकान और शरीर में दर्द शामिल हैं। मौजूदा प्रकोप में इस संक्रमण से पीड़ित लगभग 10 फीसदी रोगियों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है।
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