दूसरे चरण की 93 सीटों पर कांग्रेस, भाजपा और आप के कई दिग्गज मैदान में हैं। मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट के आठ मंत्रियों की किस्मत भी दांव पर लगी हुई है। आइए जानते हैं इनके क्षेत्र में क्या है चुनावी समीकरण?
गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में आज 14 जिलों की 93 सीटों पर मतदान होगा। इनमें एक बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा से लगने वाली सीटों का भी है, जिसमें आदिवासी बहुल पंचमहल भी है। इन क्षेत्रों में गुजरात की राजधानी गांधीनगर, अहमदाबाद, वडोदरा और दूध उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध आणंद भी शामिल है। इन 93 सीटों पर कांग्रेस, भाजपा और आप के कई दिग्गज मैदान में हैं। मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट के आठ मंत्रियों की किस्मत भी दांव पर लगी हुई है। आइए जानते हैं इनके क्षेत्र में क्या है चुनावी समीकरण?
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1. भूपेंद्र पटेल, मुख्यमंत्री : घाटलोडिया विधानसभा सीट से गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल भाजपा के उम्मीदवार हैं। इससे पहले घाटलोडिया से राज्य की पू्र्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल विधायक चुनी गईं थीं। साल 2012 के गुजरात चुनाव में आनंदीबेन पटेल ने कांग्रेस के रमेशभाई पटेल को एक लाख 10 हजार वोट से हराया था। आनंदीबेन बाद में गुजरात की मुख्यमंत्री बनीं। वहीं, साल 2017 में भूपेंद्र पटेल ने कांग्रेस के शशिकांत भूराभाई को एक लाख 17 हजार मतों के बड़े अंतर से हराया। इसके बाद पटेल को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया। इस बार के चुनाव में बीजेपी ने फिर इस सीट से मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को मैदान में उतारा है। सीएम का मुकाबला कांग्रेस की अमी याज्ञनिक और आम आदमी पार्टी के विजय पटेल से है।
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2. ऋषिकेश पटेल, स्वास्थ्य मंत्री : विसनगर विधानसभा सीट से भाजपा ने गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल को टिकट दिया है। ऋषिकेश के खिलाफ कांग्रेस ने किरीटभाई ईश्वरभाई पटेल और आम आदमी पार्टी ने जयंतीलाल मोहनलाल पटेल को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर 33 फीसदी से ज्यादा पाटीदार मतदाता हैं। 24 प्रतिशत ठाकोर, दस प्रतिशत ओबीसी और 10 प्रतिशत एससी मतदाता हैं। सात प्रतिशत मुस्लिम हैं। अन्य जातियों के वोटर्स 12 प्रतिशत हैं। 2012 और 2017 में इस सीट से ऋषिकेश पटेल ने ही जीत हासिल की थी।
3. जगदीश विश्वकर्मा, राज्यमंत्री : निकोल विधानसभा सीट से गुजरात सरकार के राज्यमंत्री जगदीश विश्वकर्मा चुनाव लड़ रहे हैं। जगदीश के खिलाफ कांग्रेस ने रणजीत सिंह बारड़ और आम आदमी पार्टी ने अशोक गजेरा को टिकट दिया है। 2017 में इस सीट से जगदीश विश्वकर्मा ने ही जीत हासिल की थी।
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4. मनीषा वकील, राज्यमंत्री : वडोदरा शहर से मनीषा वकील भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं हैं। मनीषा भूपेंद्र पटेल सरकार में राज्यमंत्री हैं। 2017 में भी उन्होंने इस सीट पर जीत हासिल की थी। इस बार मनीषा के खिलाफ कांग्रेस ने गुणवंतराय परमार और आम आदमी पार्टी ने जीगरभाई भानुप्रसाद सोलंकी को अपना प्रत्याशी बनाया है।
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5. अर्जुन सिंह चौहान, ग्रामीण एवं शहरी विकास मंत्री : महमेदाबाद विधानसभा सीट से भाजपा ने भूपेंद्र पटेल सरकार में ग्रामीण एवं शहरी विकास मंत्री अर्जुन सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया है। अर्जुन ने 2017 में भी इस सीट से जीत हासिल की थी। अर्जुन के खिलाफ कांग्रेस ने जुवानसिंह गांडाभाई चौहान और आम आदमी पार्टी ने प्रमोदभाई चौहान को मैदान में उतारा है।
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6. शंकर चौधरी, राज्यमंत्री : भारतीय जनता पार्टी ने थराद विधानसभा सीट से शंकर चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। पिछली बार वो वाव विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे। शंकर चौधरी ने 27 साल की उम्र में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के खिलाफ राधनपुर से पहला चुनाव लड़ा था। हालांकि, वो पहली बार साल 1998 में राधनपुर सीट से विधायक चुने गए थे। शंकर अभी गुजरात सरकार में राज्यमंत्री हैं। इनके खिलाफ कांग्रेस ने गुलाबसिंह पीराभाई राजपूत और आम आदमी पार्टी ने वीरचंदभाई चेलाभाई चावड़ा को मैदान में उतारा है।
7. कीर्ति सिंह वाघेला, शिक्षामंत्री : गुजरात सरकार में शिक्षामंत्री कीर्ति सिंह वाघेला कांकरेज से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। कीर्ति सिंह ने 2017 में भी इस सीट से जीत हासिल की थी। कीर्ति के खिलाफ कांग्रेस ने अमृतजी मोतीजी ठाकोर और आम आदमी पार्टी ने मुकेश ठक्कर को प्रत्याशी बनाया है।
8. निमिषा सुथार, राज्यमंत्री : मोरवा हडफ विधानसभा सीट से गुजरात सरकार की राज्यमंत्री निमिषा सुथार चुनावी मैदान में हैं। पंचमहाल जिले की मोरवा हडफ सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। 2017 में कांग्रेस के टिकट पर सविता खांट विधायक चुनी गई लेकिन परिणाम के दिन ही ह्रदयाघात से उनकी मौत हो गई। इसके बाद हुए चुनाव में उनके पुत्र भूपेंद्र खांट विधायक चुने गये लेकिन जाति प्रमाण पत्र के विवाद के चलते लंबे समय तक उनकी विधानसभा की सदस्य रद्द रही और उसी दौरान उनका भी निधन हो गया। अब इसी परिवार की बहु स्नेहलता खांट कांग्रेस के टिकट पर मैदान में है। उनका मुकाबला भाजपा के मंत्री निमीषा बेन सुथार से है। निमिषा को उपचुनाव में जीतने के बाद भूपेंद्र पटेल की सरकार में मंत्री बनाया गया था। आम आदमी पार्टी से इस सीट पर भाणाभाई मनसुखभाई डामोर चुनाव लड़ रहे हैं।
9. गजेन्द्रसिंह उदेसिंह परमार, राज्यमंत्री : गुजरात के साबरकांठा जिले की प्रांतिज विधानसभा सीट से भूपेंद्र पटेल सरकार के राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह उदेसिंह प्रत्याशी हैं। 2017 में प्रांतिज में कुल 47.15 प्रतिशत वोट पड़े थे। तब भी भाजपा के टिकट पर परमार गजेन्द्रसिंह उदेसिंह ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के बारैया महेन्द्रसिंह कचरसिंह (एडवोकेट) को 2551 वोटों के मार्जिन से हराया था। गजेंद्र के खिलाफ इस बार कांग्रेस ने बहेचरसिंह हरिसिंह राठौड़ और आम आदमी पार्टी ने अल्पेशकुमार नरेशभाई पटेल को टिकट दिया है।
इन दिग्गजों के भाग्य का भी होगा फैसला
2017 में पाटीदार आंदोलन का चेहरा बने हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवाणी भी उम्मीदवार हैं। भाजपा के पूर्व मंत्री शंकर चौधरी भी इस चुनावी जंग में शामिल हैं। अभी हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकरे भाजपा में शामिल हो चुके हैं। गांधीनगर दक्षिण से अल्पेश ठाकोर और वीरमगाम से हार्दिक पटेल चुनाव लड़ रहे हैं।
इनके अलावा चाणस्मा से दिलीप ठाकोर, सिद्धपुर से बलवंतसिंह राजपूत, खेडब्रह्मा से अश्विन कोटवाल, जमापुर खाडिया से भूषण भट्ट, दशक्रोई से बाबूजमना पटेल, नडियाद से पंकज देसाई, शहेरा से जेठा भरवाड, सावली से केतन इनामदार, वडोदरा के मांजलपुर से योगेश पटेल, वेजलपुर से अमित ठाकर, छोटा उदेपुर से राजेन्द्रसिंह राठवा और करजण से अक्षय पटेल जैसे दिग्गज भी चुनावी मैदान में हैं।
वहीं, कांग्रेस ने वडगाम से जिग्नेश मेवाणी, पाटण से किरीट पटेल, वीजापुर से सीजे चावडा, खेडब्रह्मा से पूर्व केन्द्रीय मंत्री तुषार चौधरी, बायड से महेन्द्र सिंह वाघेला (शंकरसिंह वाघेला के पुत्र), घाटलोडिया से राज्यसभा सांसद अमी याग्निक, बापूनगर से हिम्मतसिंह पटेल, दरियापुर से ग्यासुद्दीन शेख, जमालपुर-खाडिया से इमरान खेडावाला, दाणीलीमडा से शैलेष परमार, आंकलाव से अमित चावडा, कालोल से प्रभातसिंह चौहाण, वाव से गेनीबेन ठाकोर को टिकट दिया है।
बायड, खेडब्रम्हा से पूर्व मुख्यमंत्रियों के पुत्र मैदान में
उत्तर गुजरात में अरवल्ली जिले की बायड सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला के पुत्र मैदान में हैं, उनके खिलाफ भाजपा से भिखीबेन परमार मैदान में है लेकिन पूर्व विधायक धवलसिंह झाला के मैदान में आ जाने से मुकाबला रोचक बन गया है। उधर साबरकांठा जिले की खेडब्रम्हा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री अमरसिंह चौधरी के पुत्र डॉ. तुषार चौधरी कांग्रेस से और वर्तमान विधायक अश्विन कोटवाल भाजपा उम्मीदवार हैं। कोटवाल चुनाव से पहले ही कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे।