पर्यटकों की पसंदीदा जगह गोवा की 40 सीटों पर प्रत्याशियों में से किसकी किस्मत खुली और किसी बंद रही, ये पता चल गया है। पांचों राज्यों के बीच गोवा का चुनाव भी इस बार खास हो गया था जिसकी वजह थी अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी, जो नए खिलाड़ी के रूप में मैदान में आई। जानिए गोवा विधानसभा चुनाव में कौन जीता और कौन हारा।
सिद्धार्थ कुनकोलिअंकर
गोवा की पणजी सीट बीजेपी और रक्षामंत्री मनोहर परिकर दोनों के लिए बेहद अहम थी। ये बीजेपी की वो घरेलू सीट है जिस पर भाजपा ने 1994 से लगातार कब्जा कायम रखा हुआ है। इसलिए इस बार भाजपा ने चौतरफा मुकाबले के बीच इस सीट पर सिद्धार्थ कुनकोलिअंकर पर दांव लगाया गया था और वो सफल रहा।
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गोवा विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित, जानिए किसे मिली जीत, किसे मिली हार
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- फोटो : Amar Ujala
बाबुष मोंसेरेट उर्फ अतानासियो मोंसेरेट
पणजी की सीट कांग्रेस के लिए बेहद अहम थी। कांग्रेस इस सीट पर यूनाइटेड गोवन पार्टी के बाबुष मोंसेरेट को समर्थन दे रही थी। बाबुष उर्फ अतानासियो मोंसेरेट के लिए ये चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल था लेकिन वो हार गए। बाबुष को कांग्रेस ने उपचुनाव में कुनकोलिअंकर को जिताने के आरोप में पार्टी से बाहर किया था।
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आदमी पार्टी के सीएम कैंडिडेट एल्विस गोम्स
गोवा के इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पूर्व नौकरशाह एल्विस गोम्स पर दांव खेला। 53 साल के गोम्स ने आप में शामिल होने के बाद नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। सेवा के दौरान वो आईजी जेल और शहरी विकास सचिव रहे। इस बार वो दक्षिणी गोवा की कुनकोलिम सीट से चुनावी मैदान में थे लेकिन उन्हें हार ही नसीब हुई।
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विजय खोत
भारतीय जनता पार्टी ने कानकोना सीट से इस बार खेलमंत्री रमेश तवाडकर का टिकट काटकर विजय खोत को टिकट दिया लेकिन वो हार गए।
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लक्ष्मीकांत पार्सेकर
मनद्रेम विधानसभा सीट से मौजूदा मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पार्सेकर उम्मीदवार थे। लेकिन स्थानीय लोगों में उनके खिलाफ आक्रोश है। यहां के कई वोटर मानते हैं कि पार्सेकर ने सीएम रहने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए कोई काम नहीं किया। शायद यही वजह रही कि लक्ष्मीकांत पार्सेकर हार गए।