भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) भविष्य के आधुनिक हथियारों के विकास की तैयारी कर रहा है। ये हथियार कोई परमाणु हथियार, हवाई जहाज या मिसाइल नहीं होगा बल्कि एक तरह का उच्च ऊर्जा से लैस हथियार होगा जिसे 'डाइरेक्टेड एनर्जी वेपन' (ड्यू) के नाम से जाना जाता है। इस हथियार के सहारे दूर स्थित किसी विमान अथवा मिसाइल में एक बार में इतनी ऊर्जा भर दी जाती है जिससे की उसमें धमाका हो जाता है अथवा उसमें तकनीकी खराबी आ जाती है जिससे वह तुरंत नष्ट हो जाता है। तो आइए जानते हैं भविष्य के ऐसे खतरनाक हथियारों के बारे में।
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डाइरेक्टेड एनर्जी तकनीक पर ही बनेंगे भविष्य के हथियार
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डाइरेक्टेड एनर्जी वेपन (ड्यू) कुछ इस तरह के हथियार होते हैं जो ढेर सारी ऊर्जा को केंद्रीत करके किसी लक्ष्य पर प्रक्षेपित करते हैं। यह ऊर्जा एक किलो वॉट से हजार किलो वॉट तक हो सकती है। आपको 'स्पाइडरमैन 2' फिल्म का वह सीन तो जरूर ही याद होगा जिसमें डॉक्टर ऑक्टोपस अपने प्रयोगशाला में कुछ लेजर बीम को एक जगह फोकस करके एक छोटी सी चीज में ढेर सारी ऊर्जा भरते है जो धीरे-धीरे एक बड़े ऊर्जा के एक बड़े गोले का रूप ले लेती है। इसे ही ड्यू अथवा कुछ लोग लेजर बीम के नाम से भी जानते हैं। यह कई प्रकार के हो सकते हैं।
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तकनीकी खामी की वजह से हो जाता है नष्ट
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इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन वेपन- इस तरह के हथियार का इस्तेमाल ऐसे हथियारों को नष्ट करने में किया जाता है जिसमें इलेक्ट्रिकल उपकरणों का इस्तेमाल होता है। लड़ाकू विमान, हवाई जहाज, मिसाइल, नौसेना के जहाज आदि सभी आधुनिक उपकरणों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का ही इस्तेमाल होता है। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन वेपन के इस्तेमाल से किसी भी लक्ष्य को निशाना बनाकर इतनी ऊर्जा छोड़ दी जाती है जिससे उसके उपकरण कुछ देर अथवा हमेशा के लिए काम करना बंद कर देते हैं। आप ही सोचिए अगर किसी मिसाइल में लगे उपकरण कुछ देर के लिए काम करना बंद कर दें तो क्या होगा?
सबसे खतरनाक हथियार साबित होगा
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लेजर वेपन- लेजर वेपन भविष्य के आधुनिक हथियारों में सबसे खतरनाक हथियार बनकर सामने आया है। इसके जरिए दूर स्थित किसी लक्ष्य को भेदने के लिए एक लेजर बीम छोड़ी जाती है जो उसमें कुछ ही देर में हजारों डिग्री सेल्सियस का तापमान भर देता है। बढ़े तापमान की वजह से कुछ ही देर में लक्ष्य में धमाका हो जाता है या फिर उसके दो टुकड़े हो जाते हैं। जेम्स बॉन्ड की फिल्मों में आपने कई बार बॉन्ड को अपनी कलाई घड़ी का इस्तेमाल करते देखा होगा जिसके जरिए वह मोटी से मोटी लोहे की दीवारों को चुटकी में काट देता है। जरा सोचिए अगर वही हथियार किसी घर के बराबर होगा तो वह कितनी तबाही मचा सकता है?
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किसी भी इमारत में धमाका करने में सक्षम है शॉक वेव
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शॉक वेव वेपन- जैसा की इसके नाम से ही जाहिर होता है कि यह हथियार शॉक वेब प्रणाली पर काम करता है। इसके इस्तेमाल से किसी भी लक्ष्य को निशाना बनाकर शॉक वेब छोड़ा जाता है जिससे की लक्ष्म में तुरंत धमाका हो जाता है। यह एक तरह से बम की तरह से काम करता है जो लक्ष्य पर शॉक वेब्स के जरिए धमाका करता है और लक्ष्य कुछ ही देर में नेस्तोनाबूत हो जाता है।
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कान के पर्दे तक फाड़ देते हैं ये साउंड वेव
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साउंड वेव वेपन- इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल उच्च ध्वनि या सुपर सोनिक साउंड पैदा करने के लिए किया जाता है जो किसी भी इंसान के काम के पर्दे आसानी से फाड़ सकते हैं। इसके अलावा युद्ध जैसे हालात में अगर इस हथियार का इस्तेमाल किया जाए तो यह आसानी से सैनिकों के कान के पर्दे तो फाड़ ही सकती है इसके अलावा यह कई तरह के उपकरणों को भी आसानी से नष्ट कर सकती है। साउंड वेव वेपन के इस्तेमाल से दुश्मनों को घुटने टेकने या मैदान छोड़कर भागने पर भी मजबूर किया जा सकता है।
पल्स्ड एनर्जी प्रोजेक्टाइल्स- इस तरह के हथियारों के इस्तेमाल से इंफ्रारेड लेजर पल्स का निर्माण किया जाता है जो तेजी से लक्ष्य पर प्लाज्मा किरणों से वार करती है। इस दौरान हथियार से बड़ी मात्रा में साउंड, शॉक और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगे निकलती है जिससे इंसान को तेज दर्द और जलन का अहसास तो होता ही है साथ उसे लकवा भी मार सकता है। इस तरह के हथियारों के इस्तेमाल से दुश्मन सेना के जवानों को मैदान छोड़कर भागने पर मजबूर किया जा सकता है।