दोस्ती एक ऐसा शब्द है जो सभी के दिल के करीब माना जाता है। मां-बाप के बाद दोस्त ही एक ऐसा शख्स होता है जिससे हम अपने दिल की बात बिना झिझके कर सकते हैं। आज पूरी दुनिया में दोस्ती के इस खास दिन को सेलिब्रेट किया जा रहा है। आम लोगों की तरह खास लोगों को भी दोस्तों की जरूरत होती है। क्या आपको मालूम है अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर किन लोगों की दोस्ती के चर्चे होते रहे हैं। आज हम आपको ऐसे ही कुछ नेताओं के बारे में बताते हैं जिन्होंने का था ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे।
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1983 में गुट निरपेक्ष देशों की शिखर वार्ता के दौरान क्यूबा के प्रधानमंत्री ने भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्रा इंदिरा गांधी को गले लगा लिया था। इससे गांधी काफी हैरान रह गई थीं। जिसके बाद कास्त्रो ने कहा था कि दुनिया भाई-बहन के इस रिश्ते को हमेशा याद रखेगी।
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जॉर्ज फर्नांडिस ने व्यापारिक संघ के नेता, पत्रकार, राजनेता और एक पूर्व रक्षामंत्री के तौर पर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। 27 जुलाई 1979 को जॉर्ज फर्नांडिस ने मोरारजी देसाई की सरकार से इस्तीफा देकर चौधरी चरण सिंह का हाथ थाम लिया था। इसके बाद चरण सिंह प्रधानमंत्री बने थे। माना जाता है कि जॉर्ज ने ऐसा अपने दोस्त मधु लिमये के कहने पर किया था।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की दोस्ती भी काफी चर्चा में रही है। अपनी अफगनिस्तान की यात्रा के दौरान पीएम मोदी अपने दोस्त को जन्मदिन की बधाई देने के लिए अचानक पाकिस्तान पहुंच गए थे। यह उनकी पड़ोसी देश की पहली यात्रा थी।
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जर्मनी के पूर्व चांसलर हेल्मुट कोल और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की दोस्ती के बारे में पूरी दुनिया जानती है। दोनों की यह तस्वीर 1988 की है जब दोनों यार फ्रैंकफर्ट जा रहे थे।
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द्वितीय विश्व युद्ध खत्म होने के 13 साल बाद तत्कालीन जर्मन चांसलर कोनराड आडेनावर और फ्रांस के राष्ट्रपति चार्ल्स द गॉल मिले। दोनों की इस मुलाकात ने सदियों से दुश्मन रहे देशों के बीच दोस्ती की एक नींव रखने की कोशिश की थी।
साल 2016 में जर्मनी के गृहमंत्री हॉर्स्ट जेहोफर ने हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान को से गले लगा लिया था। इसके बाद दोनों की दोस्ती के चर्चे शुरू हो गए थे।