वायरल स्क्रीनशॉट का सच
- फोटो : Amar Ujala
वायरल स्क्रीनशॉट का सच
- फोटो : Amar Ujala
जानिए असली - नकली का अंतर-
पहली नजर में देखने में दोनों क्लिप एक जैसी हैं,
लुक और फील-
- प्रधानमंत्री मोदी की फोटो लगी है।
- ‘कोविड-19 ब्रेकिंग’ और ‘पीएम का राष्ट्र के नाम संबोधन’ वाला बैंड चल रहा है।
- दोनों में एक जैसा फॉन्ट दिख रहा है।
मगर ध्यान से फ्रेम दर फ्रेम देखें तो असली-नकली का अंतर भी दिखता है जैसे-
पहला- ‘लॉकडाउन में भारत को बदलकर ‘भारत में एडिट करके लॉकडाउन की तारीख जोड़ी गई है।
दूसरा- ओरिजिनल तस्वीर में ‘आज आधी रात से देशव्यापी लॉकडाउन की सूचना दिखाई देती है इसमें छेड़छाड़ करके ‘देशव्यापी लॉकडाउन 4 मई तक बढ़ाया गया, जोड़ा गया है।
तीसरा- असली तस्वीर में इंडिया टुडे का लोगो दो जगह है जबकि नकली में एक ही जगह दिखाया गया है।
चौथा- असली तस्वीर में बैकग्राउंड में कोरोना वायरस की तस्वीर दिखाई दे रही है।
पड़ताल का परिणाम
इंडिया टुडे का एडिट किया हुआ स्क्रीनशॉट है और ऐसी कोई भी खबर ऑनएयर नहीं हुई है।
4 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का वायरल दावा फर्जी है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में स्क्रीनशॉट पर लिखा दावा गलत साबित किया और पाया असली तस्वीर के साथ छेड़छाड़ करके उसको गलत दावे के साथ पेश किया गया है। कोरोना वायरस से जुड़ी हर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों से लड़ना है। खबरों को भी झूठे तथ्यों के संक्रमण से बचाना है। अफवाहों से सावधान रहें और कुछ भी शेयर करते समय जांच पड़ताल कर लें।
कोरोना वायरस और फेक न्यूज से सावधानी ही बचाव है।
*Fact Check By Google Certified Fact Checker.
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