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बंगाल में शुरू हुई दुर्गा पूजा की तैयारियां, कोलकाता के बाजार हुए गुलजार, देखिए तस्वीरें

Sun, 11 Oct 2020 06:31 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
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मूर्ति तैयार करता कलाकार - फोटो : पीटीआई
पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्जा पूजा उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि, कोरोना वायरस महामारी की वजह से इस बार इस उत्सव की धूम पहले की तरह नहीं होगी, लेकिन सजे हुए बाजार और दुकानों में हो रही खरीदारी बता रही है कि लोगों में उत्सव के प्रति उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। 
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खरीदारी करते लोग - फोटो : पीटीआई
राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार इस साल 22 से 26 अक्तूबर तक मनाए जाने वाले दुर्गा पूजा उत्सव के लिए दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि उत्सव के दौरान कोरोना वायरस से बचाव के सभी मानकों जैसे कि मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने आदि का पालन करना होगा।
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मूर्तियों को अंतिम रूप देता मूर्तिकार - फोटो : पीटीआई
महामारी के चलते दुर्गा पूजा समितियों के सामने चंदा इकट्ठा करने में समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने राज्य की सभी पूजा समितियों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का भी निर्णय लिया है। इसके साथ ही पूजा समितियों को इस साल नगर निगम या स्थानीय निकायों को कोई कर भी नहीं देना होगा। 

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बाजार में उमड़ी भीड़ - फोटो : पीटीआई
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि त्योहार मनाते समय हमें सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने आयोजकों से अपील की है कि पंडाल को जितना संभव हो उतना खुला रखें और प्रवेश व निकास द्वार अलग-अलग रखें। इसके अलावा प्रवेश व निकास द्वार पर सैनिटाइजर की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।  
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मूर्तियों को दिया जा रहा है अंतिम रूप - फोटो : पीटीआई
पूजा समितियों को ममता सरकार ने आर्थिक मदद देने के साथ बिजली के बिल में भी राहत दी है। बनर्जी ने कहा है कि इस साल पूजा समितियों को बिजली बिल में 50 फीसदी की छूट मिलेगी। कोरोना वायरस महामारी की वजह से इस साल इस उत्सव का स्वरूप पहले के मुकाबले काफी बदला हुआ रहने की उम्मीद है।
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खरीदारी करते लोग - फोटो : पीटीआई
बता दें कि पश्चिम बंगाल में अकेले कोलकाता पुलिस क्षेत्र में ही 2500 से ज्यादा दुर्गा पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह संख्या लोगों के घरों या परिसरों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से अलग है। बता दें कि दुर्गा पूजा त्योहार पश्चिम बंगाल में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है।
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मूर्ति तैयार करता मूर्तिकार - फोटो : पीटीआई
ज्वलंत विषयों की थीम पर पूजा पंडाल बनाने के लिए ख्याति प्राप्त दक्षिण कोलकाता के आयोजक समाजसेवी संघ ने इस बार अपने खुले पंडाल की दिशा बदलकर दक्षिणी एवेन्यू की ओर करने का फैसला किया है। ताकि, श्रद्धालु अपने वाहन में बैठक कर दूर से ही देवी दुर्गा की प्रतिमा का दर्शन कर सकें।

इस बार पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति भी नहीं होगी। पश्चिम बंगाल डॉक्टर्स फोरम ने गुरुवार को बनर्जी को एक खुला पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि अगर समारोह बिना प्रतिबंध के आयोजित होता है तो दुर्गा पूजा के बाद कोविड-19 के मामलों में भारी तेजी आ सकती है।
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दुर्गा पूजा की खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ - फोटो : पीटीआई
उधर, राज्य के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि हमें सतर्क रहना होगा, दुर्गा पूजा मनाएं लेकिन त्योहारी जश्न से दूर रहें। उन्होंने शनिवार को कहा था कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध करूंगा कि वह पूजा से पहले लोगों को कोविड-19 से बचने के एहतियाती उपायों का अनुपालन करने का संदेश दें।
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