दिल्ली के अनाजमंडी इलाके में रविवार तड़के लगी भीषण आग में अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि संकरी गलियों में स्थित पैकेजिंग और बैग बनाने वाली फैक्ट्री में शार्ट सर्किट होने से आग लगी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इनमें से अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई है। मरने वाले अधिकतर लोग यूपी और बिहार के बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
2 of 12
उपहार अग्निकांड
- फोटो : Social Media
इस घटना ने 22 साल पहले हुई उपहार अग्निकांड की यादें ताजा कर दी है। इस घटना में 59 लोगों की मौत हो गई थी। दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित उपहार सिनेमा में बॉर्डर फिल्म देखने के दौरान भीषण आग लग गई थी। इस अग्निकांड में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
विज्ञापन
3 of 12
उपहार अग्निकांड
- फोटो : Social Media
बताया गया था कि शो के दौरान सिनेमाघर के ट्रांसफॉर्मर कक्ष में आग लग गई, जो तेजी से सिनेमाहॉल के अन्य हिस्सों में फैल गई। घटना की जांच के दौरान पता चला था कि सिनेमाघर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। इस हादसे में मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
4 of 12
uphaar tragedy
- फोटो : अमर उजाला
इस दुर्घटना के बाद 22 जुलाई 1997 को उपहार सिनेमा के मालिक सुशील अंसल व उसके बेटे प्रणव अंसल को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था। दुर्घटना के पीड़ित परिवारों के दबाव को देखते हुए सरकार ने 24 जुलाई 1997 को इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस से सीबीआई को सौंप दी।
विज्ञापन
5 of 12
Uphaar Tragedy
- फोटो : self
15 नवंबर 1997 को सीबीआई ने सुशील अंसल, गोपाल अंसल सहित 16 लोगों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की। जिसके बाद 10 मार्च 1999 को सेशन कोर्ट में इस केस का ट्रायल शुरू हुआ।
विज्ञापन
6 of 12
uphaar tragedy
- फोटो : अमर उजाला
27 फरवरी 2001 को अदालत ने सभी आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या, लापरवाही व अन्य मामलों के तहत आरोप तय किए। गवाही का दौर खत्म होने के बाद चार अप्रैल 2002 को दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत को मामले का जल्द निपटारा करने का आदेश दिया।
विज्ञापन
7 of 12
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
27 जनवरी 2003 को कोर्ट ने अंसल बंधुओं की उपहार सिनेमा को वापस सौंपे जाने की मांग को खारिज कर दिया और कहा कि यह केस का अहम सबूत है और मामले के निपटारे तक सौंपा नहीं जाएगा।
8 of 12
आग को बुझाता दमकलकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
24 अप्रैल 2003 को दिल्ली हाईकोर्ट ने 18 करोड़ रुपये का मुआवजा पीड़ितों के परिवार वालों को दिए जाने का आदेश जारी किया।
9 of 12
आग
- फोटो : अमर उजाला
20 नवंबर 2007 को सेशन कोर्ट ने सुशील व गोपाल अंसल सहित 12 आरोपियों को दोषी करार देते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई। जिसके बाद चार जनवरी 2008 को हाईकोर्ट से अंसल बंधुओं व दो अन्य को जमानत मिल गई।
10 of 12
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
इसके बाद 11 सितंबर 2008 को सुप्रीम कोर्ट ने अंसल बंधुओं की जमानत रद्द कर उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया। इसके बाद मामले की सुनवाई फिर हाईकोर्ट में हुई और 19 दिसंबर 2008 को हाईकोर्ट ने अंसल बंधुओं की सजा को दो साल से घटाकर एक साल कर दिया और छह अन्य आरोपियों की सजा को बरकरार रखा।
11 of 12
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
उपहार कांड पीड़ितों के संगठन ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। जिसके बाद सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में भी अभियुक्तों की सजा को बढ़ाए जाने की मांग की।
19 अगस्त 2014 को न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने उपहार अग्निकांड में दोषी सुशील और गोपाल अंसल द्वारा जेल में बिताए गए समय को ही सजा करार दिया था। पीठ ने दोनों भाई को तीन महीने के भीतर 30-30 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाकर उन्हें रिहा कर दिया था।