साल 1912 में उन्होंने एक प्रतिनिधि के रूप में बांकीपुर सम्मेलन में भाग लिया। साल 1919 में वह इलाहाबाद के होम रूल लीग के सचिव बने। 1916 में वह पहली बार महात्मा गांधी से मिले, जिनसे वह बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने 1920 में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पहली किसान मार्च का आयोजन भी किया था।