corona virus
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ज़्यादा तापमान और ह्यूमिडिटी में भी असरदार
ज़्यादा टेंपरेचर और ह्यूमिडिटी में भी दूसरे कोरोना वायरस तेज़ी से खत्म हो जाते हैं। हालांकि, रिसर्च से पता चलता है कि सार्स बीमारी की वजह बनने वाले संबंधित कोरोना वायरस 56 डिग्री सेल्सियस या 132 डिग्री फॉरेनहाइट से ऊपर के तापमान पर मर सकते हैं। यूएस एनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (ईपीए) ने अब डिसइनफेक्टेंट्स और एक्टिव इनग्रेडिएंट्स की एक लिस्ट जारी की है जिनके जरिए Sars-CoV-2 वायरस को खत्म किया जा सकता है। हालांकि, इस बात का कोई डेटा नहीं है कि किसी संक्रमित शख्स के छींकने से निकलने वाली एक बूंद में कितने वायरस पार्टिकल हो सकते हैं, लेकिन फ़्लू वायरस पर की गई रिसर्च से पता चलता है कि छोटी बूंदों में इंफ्लूएंजा वायरस की दसियों हज़ार कॉपी हो सकती हैं। हालांकि, यह चीज़ वायरस पर भी निर्भर करती है कि वह किस श्वसन तंत्र में पाया गया है और शख्स में संक्रमण किस स्टेज पर है। कपड़ों और ऐसी दूसरी सतह जिन्हें डिसइनफेक्ट करना मुश्किल होता है, यह अभी साफ़ नहीं है कि इनमें वायरस कितनी देर तक टिक सकता है।