देश में कोरोना वायरस के मामले जिस रफ्तार से बढ़ रहे हैं, उसके आधार पर मई के मध्य तक यह आंकड़ा 10 लाख से 13 लाख के बीच पहुंच सकता है। यह अनुमान संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के वैज्ञानिकों की एक टीम ने लगाया है। अध्ययन के मुताबिक अगर सामूहिक दूरी जैसे उपायों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो अप्रैल के अंत तक मरीजों की संख्या तीस हजार से 230,000 के बीच हो सकती है। सामाजिक दूरी बनाने के लिए सराकर ने देश में 21 दिन का लॉकडाउन लगाया है और लोगों से इसे पालन करने को कहा है। देश की जनता अब इसे गंभीरता से लेते हुए समाजिक दूरी का पालन करते हुए दिख रही है। राशन की दुकानों पर पहुंचे लोग या जरूरी कामों से बाहर निकले लोग सोशल डिस्टेसिंग का पालन कर रहे हैं।