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Coronavirus: कोरोना वैक्सीन का असर कितने दिन तक रहता है, क्या संक्रमण से बचा पाएगा बूस्टर डोज?

Sat, 24 Dec 2022 01:46 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दुनियाभर में बढ़ रहे मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि वैक्सीन लगवाने के बावजूद क्या कोरोना का खतरा बना हुआ है? क्या कोरोना वैक्सीन का बूस्टर डोज संक्रमण से बचा पाएगा? आइए समझते हैं... 
 
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भारत में कोरोना - फोटो : अमर उजाला
चीन, जापान, ब्राजील, अमेरिका समेत कई देशों में कोरोना संक्रमण फिर से पांव पसारने लगा है। सबसे ज्यादा भयावह खबरें चीन से आ रही हैं। कहा जा रहा है कि हो सकता है इस हफ्ते चीन में एक दिन में तीन करोड़ 70 लाख कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हों। यह दावा चीन की शीर्ष अथॉरिटी की ओर से किया गया है। यह दुनिया में एक दिन में कोविड संक्रमण का सबसे बड़ा आंकड़ा है। 

दुनियाभर में बढ़ रहे मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि वैक्सीन लगवाने के बावजूद क्या कोरोना का खतरा बना हुआ है? क्या कोरोना वैक्सीन का बूस्टर डोज संक्रमण से बचा पाएगा? आइए समझते हैं... 
 
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अमेरिका में कोरोना - फोटो : सोशल मीडिया
पहले कोरोना के ताजे आंकड़े जान लीजिए
शुक्रवार को दुनियाभर में 5,32,172 लोग संक्रमित पाए गए हैं। 1,523 लोगों की मौत हुई है। सबसे ज्यादा जापान में 1.73 लाख लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद ब्राजील में 70,415, दक्षिण कोरिया में 68,168, फ्रांस में 43,766, जर्मनी में 34,092 और अमेरिका में 29,424 लोग संक्रमित पाए गए। हालांकि, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को चीन में सबसे ज्यादा 3.7 करोड़ कोरोना मरीज पाए गए हैं। चीन सरकार ने इसे आधिकारिक डेटा नहीं माना है। चीन के आधिकारिक डेटा के अनुसार शुक्रवार को केवल तीन हजार लोग संक्रमित मिले हैं।  

 
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कोरोना से बचने को अपनाएं ये तरीका - फोटो : अमर उजाला
वहीं, भारत में शुक्रवार को 201 लोग संक्रमित पाए गए हैं। सबसे ज्यादा केरल में 51 केस बढ़े। यहां अब तक 68 लाख 27 हजार से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 67 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 71 हजार 546 लोगों की मौत हो गई। 1,418 मरीज ऐसे हैं, जिनका अभी इलाज चल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, संक्रमण की दैनिक दर 0.15 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 0.14 प्रतिशत दर्ज की गई है।  
 

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भारत में कोरोना - फोटो : अमर उजाला
अब जानिए वैक्सीन से जुड़ी तीन बड़ी बातें

1. क्या संक्रमण से बचाएगा कोरोना वैक्सीन का बूस्टर डोज?
इसे समझने के लिए हमने इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) गोरखपुर के रीजनल डायरेक्टर डॉ. रजनीकांत से बात की। उन्होंने कहा, कोरोना वैक्सीन से इंसान के अंदर इम्युनिटी बढ़ती है। इससे कोरोना से लड़ने के लिए शरीर में एंटीबॉडी तैयार होती है। बूस्टर डोज लगवा चुके लोगों पर मौत का खतरा कम होता है। इससे कोरोना होने की स्थिति में भी इंसान तेजी से ठीक हो सकता है। मरीज की हालत ज्यादा खराब नहीं होती है। हां, वैक्सीन न लगवाने वालों पर संक्रमण का बुरा असर जरूर पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप वैक्सीन की दो डोज लगवा चुके हैं तो निर्धारित समय के अंदर बूस्टर डोज भी जरूर लगवा लें। अगर एक भी डोज नहीं लगवाए हैं, तो हर हालत में वैक्सीन लगवा लें। 
 
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कोरोना से रोकथाम की तैयारी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
2. एक या दो बार कोरोना संक्रमित होने वालों पर इस लहर में कितना खतरा? 
डॉ. रजनीकांत के अनुसार, अगर कोई एक या दो बार संक्रमित हो चुका है, तो ऐसा नहीं है कि वह फिर से संक्रमित नहीं हो सकता है। वह फिर से कोरोना संक्रमित हो सकता है। कोरोना से ठीक होने पर शरीर में कुछ एंटीबॉडी बनी होगी। अलग-अलग रिसर्च से मालूम चलता है कि ये एंटीबॉडी शरीर में आठ महीने तक रहती हैं। 
 
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भारत के ओडीसा प्रदेश में, कोविड-19 की वैक्सीन का टीका लगाए जाते हुए. - फोटो : Social Media
3. वैक्सीन का असर कितने दिन तक रहता है? 
इसको लेकर हैदराबाद के कुछ विशेषज्ञों ने एक रिसर्च किया था। इसमें 1636 लोगों को शामिल किया गया था। ये वो लोग थे, जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थी। इसमें पाया गया कि 1636 में से 30 फीसदी लोगों में छह महीने बाद वैक्सीन से बनी इम्यूनिटी का स्तर 100  AU/ml से नीचे था। हाइपरटेंशन और डायबिटिज जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 40 साल से ऊपर के लोगों में इम्यूनिटी कमजोर हो गई। छह प्रतिशत लोग ऐसे भी थे, जिनमें वैक्सीन की दोनों डोज लगने के छह महीने बाद बिल्कुल भी इम्युनिटी नहीं थी। मतलब इस अध्ययन से मालूम चला कि बुजुर्गों की तुलना में युवाओं के अंदर इम्युनिटी लंबे समय तक बनी रहती है। वहीं, अलग-अलग बीमारियों से जूझ रहे 40 साल के ऊपर के लोगों में एंटीबॉडी छह महीने बाद काफी कम हो जाती है। 
 
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : अमर उजाला
220 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज लग चुकी है
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक देश में कोरोना वैक्सीन की 220 करोड़ से ज्यादा की डोज लगाई जा चुकी है। 92 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगी है। 86 करोड़ से ज्यादा लोग दोनों डोज लगवा चुके हैं। 22 करोड़ 36 लाख से ज्यादा लोग कोरोना की बूस्टर डोज लगा चुके हैं। उम्र के हिसाब से देखें तो अब तक 15 से 18 साल के 53,639,287 और 12 से 14 साल के 32,518,608 बच्चों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है।
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