वायरल दावे का सच
- फोटो : Amar Ujala
कोरोना वायरस से संबंधित तमाम बातें सोशल मीडिया पर पोस्ट की जा रही हैं। खासकर इसके इलाज और मास्क को लेकर, मगर ऐसी पोस्ट को शेयर और फॉरवर्ड करने से पहले इनकी सत्यता को जांच ले। आजकल सोशल मीडिया पर फैब्रिक मास्क से जुड़ी एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि फैब्रिक मास्क को इस्तेमाल करने के बाद इसे 2-3 मिनट के लिए माइक्रोवेव में सैनिटाइज करना चाहिए। इस वायरल पोस्ट का दावा बिलकुल फर्जी है। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा फर्जी है।
- दावाकर्ता- सोशल मीडिया यूजर्स
- दावे का आधार- एक वायरल पोस्ट
- क्या किया जा रहा है दावा- जो भी फैब्रिक मास्क का इस्तेमाल करते हैं, इसे उतारने के बाद चेन वाले बैग में रखें और 2-3 मिनट के लिए माइक्रोवेव में सैनिटाइज करें। हर बार पहनने के बाद ऐसा करें
जानिए क्या है वायरल पोस्ट में
वायरल दावे का सच
- फोटो : Amar Ujala
पड़ताल के चरण-
एक सोशल मीडिया यूजर ने इस पोस्ट को अपने फेसबुक अकाउंट से शेयर किया है। इस पोस्ट में लिखा है, ‘जो भी फैब्रिक मास्क का इस्तेमाल करते हैं, इसे उतारने के बाद चेन वाले बैग में रखें और 2-3 मिनट के लिए माइक्रोवेव में सैनिटाइज करें। हर बार पहनने के बाद ऐसा करें।’
सोशल मीडिया पर फैब्रिक मास्क से जुड़ी एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि फैब्रिक मास्क को इस्तेमाल करने के बाद इसे 2-3 मिनट के लिए माइक्रोवेव में सैनिटाइज करना चाहिए। इस वायरल पोस्ट का दावा बिलकुल फर्जी है।
फैब्रिक मास्क सैनिटाइज का सच
वायरल दावे का सच
- फोटो : Amar Ujala
यह पड़ताल मास्क से जुड़ी हुई थी इसलिए बेहत जरूरी था इसके बारें में शुरू से समझना।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले उन सभी जानकारियों को समझा, जिनमें ये बताया गया है कि कपड़े के मास्क को इस्तेमाल के बाद कैसे सैनिटाइज किया जाता है।
इसके लिए सेंटर्स ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की वेबसाइट पर लॉग इन किया फिर उसमें इस जानकारी को तलाशना शुरू किया कि कपड़े के मास्क को इस्तेमाल किये जाने के बाद कैसे साफ किया जाना चाहिए। हमें एक रिपोर्ट मिली, जिसमें इसके इस्तेमाल के बारें में बताया गया था। मगर इस रिपोर्ट में कहीं भी इस बात का कोई जिक्र नहीं किया गया है कि इन्हें सैनिटाइज करने के लिए माइक्रोवेव में डाला जाना चाहिए या इसकी सफाई के लिए माइक्रोवेव का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह दावा इस आधार पर भी फर्जी निकला।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
वायरल दावे का सच
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- जब भी इस तरह की खबर आती है तो हमेशा प्रामाणिक वेबसाइट्स पर यकीन करना चाहिए।
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट्स पर हमने इस दावे को सर्च करना शुरू किया
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी घर पर तैयार किए गए मास्क को सैनिटाइज करने के तरीकों के बारें में बताया हुआ था, मगर ऐसा कोई तरीका यहां पर भी नहीं मिला।
घर में बनाए गए फेस कवर यानी मास्क को रोजाना कैसे सैनिटाइज करे इसके बारें में जानकारी पढ़ी, जो इस प्रकार है-
- साबुन और गर्म पानी में फेस मास्क को ठीक से साफ करें और इसे सूखने के लिए कम से कम 5 घंटे सूरज की रोशनी में छोड़ दें।
- अगर सूरज की रोशनी नहीं है तो ऑप्शन नंबर 2 फॉलो करें:
- प्रेशर कुकर में फेस कवर को पानी में डालकर कम से कम 10 मिनट के लिए बॉयल करें और फिर सूखने के लिए छोड़ दें। पानी में नमक डालने की सलाह भी दी जा रही है। प्रेशर कुकर नहीं होने पर आप फेस कवर या फेस मास्क को 15 मिनट के लिए पानी में खौलाकर साफ कर सकते हैं।
- फेस कवर को साबुन और पानी से साफ करें और 5 मिनट तक गर्माहट दें (आप इसके लिए आयरन( प्रेस) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं)।
इस रिपोर्ट के मुताबिक-
- इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि घर में जो मास्क तैयार होता है उसको दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है मगर उस फेस कवर से केवल हवा में मौजूद संक्रमित व्यक्ति के ड्रॉपलेट्स को सांस से अंदर जाने की आशंका को कम करता है। इससे पूरी तरह सुरक्षा नहीं मिलती है।
- घर पर तैयार ऐसे मास्क को रोजाना वैसे ही साफ करना चाहिए। बिना साफ किए इसका दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- अपने फेस कवर दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर नहीं करना चाहिए।
- सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए।
- लगभग 20 सेकंड तक हाथों की सफाई करनी चाहिए।
मगर कहीं पर भी ऐसा नहीं बताया गया है कि मास्क को 2-3 मिनट के लिए माइक्रोवेव में सैनिटाइज करना चाहिए। माइक्रोवेव का इस्तेमाल इसके लिए करना चाहिए।
मास्क बनाने के तरीके
वायरल दावे का सच
- फोटो : Amar Ujala
पहला स्टेप - इस मास्क को बनाने के लिए आपको सिर्फ ए4 साइज कपड़े, सुई धागे और रबर बैंड की जरूरत होगी।
घर में पड़े कपड़े से चौकोर आकार (करीब 7 से 8 इंच) का कपड़ा काट लें।
दूसरा स्टेप-अब कपड़े का निचला सिरा और ऊपरी सिरा मोड़ लें। एक रबर बैंड कपड़े के बाएं सिरे और दूसरा रबड़ बैंड कपड़े के दाहिने सिरे पर लगाकर सिलाई कर लें।
ध्यान रखें दोनों रबर बैंड के बीच का हिस्सा आपके मुंह और नाक को ढंकने के लिए पर्याप्त हो।
तीसरा स्टेप-अब रबर बैंड के बाहरी तरफ छोड़े हुए कपड़े के हिस्से को अंदर की तरफ मोड़े, यह प्रक्रिया कपड़े के दूसरे हिस्से में भी दोहराएं।
चौथा स्टेप - रबर बैंड लगाकर चारों किनारों को अच्छी तरह सिलाई कर लें। आपका मास्क बनकर तैयार है।
फेसबुक पेज: कोलराडो रिवर फायर रेस्क्यू
वायरल दावे का सच
- फोटो : Amar Ujala
कोलराडो रिवर फायर रेस्क्यू ने भी अपने फेसबुक पेज पर इस बात को साफ तौर पर लिखा कि फेस मास्क को माइक्रोवेव में डालकर सेनेटाइज करने से चाहिए।
वायरल दावा फर्जी है फैब्रिक मास्कों को माइक्रोवेव में सैनिटाइज नहीं करना चाहिए
वायरल दावे का सच
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आगे इस खबर की और पुष्टि करने के लिए हमने गूगल पर की-वर्ड्स के माध्यम से सर्च करना शुरू किया।
हमें
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट मिली।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोवेव में फेस मास्क डालने से फेस मास्क में आग लग सकती है। और यह तरीका सुरक्षित भी नहीं है।
अमर उजाला ने इस विषय पर डॉ अमरदीप सिरोही से बातचीत की, उन्होंने बताया, ‘मास्क के स्टेरलाइजेशन के कुछ खास तरीके होते हैं जिसको मेडिकल के प्रामाणिक माध्यमों में बताया भी गया है मगर माइक्रोवेविंग का इस्तेमाल उनमें से नहीं है। अगर आपको मास्क को दोबारा इस्तेमाल करना भी है तो फैब्रिक मास्क को साबुन और पानी से अच्छी तरह से साफ करना चाहिए। उसको धूप में कुछ घंटे सुखाना चाहिए। मगर मास्क को माइक्रोवेव में गर्म नहीं करना चाहिए।'
पड़ताल का परिणाम -
वायरल दावा फर्जी है फैब्रिक मास्कों को माइक्रोवेव में सैनिटाइज नहीं करना चाहिए। अगर इसको दोबारा इस्तेमाल करना है तो साबुन और पानी से मास्क को अच्छी तरह साफ करना चाहिए।अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा फर्जी है।
कोरोना वायरस से जुड़ी हर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों से लड़ना है। खबरों को भी झूठे तथ्यों के संक्रमण से बचाना है। अफवाहों से सावधान रहें और कुछ भी शेयर करते समय जांच पड़ताल कर लें।
नोट: इस तरह के दावों पर यकीन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट्स को देखना चाहिए। अफवाहों को रोकना चाहिए और प्रामाणिक स्रोतों पर विश्वास करना चाहिए।
कोरोना वायरस और फेक न्यूज से सावधानी ही बचाव है।
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