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Corona virus fact check : कोविड-19 को जैविक हथियार बताने वाले लेख की जानिए क्या है सच्चाई

सार

वायरल तस्वीर का सच
क्या कोविड-19 वाकई जैविक हथियार है? जानिए सच्चाई
कुछ भी शेयर या फॉरवर्ड करते हुए रखें ख्याल
काल्पनिक लेख को सच मानकर हो रहा है शेयर
फेक न्यूज से सावधान रहें
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वायरल तस्वीर का सच - फोटो : Amar Ujala
आजकल सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस को लेकर एक पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें इस बात का दावा किया जा रहा है कि कोविड-19 एक बायोवेपन यानी जैविक हथियार है। इस विषय पर सोशल मीडिया से लेकर टेलीविजन तक में जमकर बहस हो रही है। यह आर्टिकल आर- नोस्लीप नाम के रेड्डिट फोरम से लिया गया है।  प्लेटफार्म पर लोग जीवन की घटनाओं से प्रेरित काल्पनिक किस्से-कहानियां पोस्ट करते हैं। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की और पाया यह फेक न्यूज है और गलत दावे के साथ वायरल हो रही है।


दावाकर्ता- मराठी दैनिक लोकमत के अंग्रेजी एडिशन का आर्टिकल
दावे का आधार- आर- नोस्लीप नाम के रेड्डिट फोरम  लेख
क्या किया जा रहा दावा-  इसमें दावा किया गया है कि एक चीनी खुफिया अधिकारी ने बायोवेपन (जैविक हथियार) के कारण कोरोना वायरस का प्रकोप होने का विवरण लीक किया है।
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काल्पनिक लेख को सच मानकर हो रहा है शेयर

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वायरल तस्वीर का सच - फोटो : Amar Ujala
  • सबसे पहले इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ा जिसमें  आर- नोस्लीप नाम के रेड्डिट फोरम  लेख को आधार बनाकर लिखा गया था,
  • उसके बाद इस तथ्य को गूगल पर सर्च किया, इससे मिलते -जुलते शो और लेख तो मिले मगर किसी ने दावे के साथ, तथ्यों के आधार पर इस बात को साबित नहीं किया,
  • इस लेख में जिस डॉक्यूमेंट को आधार बनाया गया था उसको ध्यान से समझा जिसमें यह इस बात को बोला गया था
  • सर्च करने पर पता चला कि कहानी की उत्पत्ति रेड्डिट फोरम से हुई है, जिसको आर/ नोस्लीप भी कहा जाता है
  • यह लेख आर- नोस्लीप नाम के रेड्डिट फोरम से लिया गया है,
  • इस प्लेटफार्म पर लोग जीवन की घटनाओं से प्रेरित काल्पनिक कहानियां पोस्ट करते हैं।
  • इसमें यूजर ज्यादातर काल्पनिक डरावनी कहानियों को शेयर करते हैं जो अक्सर वास्तविक घटनाओं से प्रेरित होती हैं।

मराठी दैनिक लोकमत के अंग्रेजी एडिशन ने हाल ही में इस लेख को प्रकाशित किया, जिसमें इस बात का दावा किया गया है कि कोरोना वायरस जैविक हथियार है और जिसकी वजह से यह प्रकोप हुआ, इस विवरण को चीनी खुफिया अधिकारी ने लीक किया है।
मराठी दैनिक लोकमत ने यह डॉक्यूमेंट अपने अंग्रेजी एडिशन में छाप दिया।
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आर्टिकल का एक अंश

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वायरल तस्वीर का सच - फोटो : Amar Ujala
इस आर्टिकल में अधिकारी की कहानी के अनुसार, नोवेल कोरोना वायरस एक वायरस नहीं है, बल्कि एक जैविक हथियार है, जो तब लीक हुआ था जब एक चीनी अधिकारी ने इसे संयुक्त राज्य अमेरिका में बेचने की कोशिश की थी।

इस आर्टिकल के अनुसार,

"एक चीनी अधिकारी के अनुसार, अमेरिका की इंटेलिजेंस एजेंसी को भी इस जैविक एजेंट की सूचना मिली थी और सीआईए भी इसमें दिलचस्पी ले रही थी।
  • अमेरिका ने पहले ही वायरस पकड़ लिया था जिसे चीन ने अपनी लैब में बनाया था।
  • इस लेख में लिखा कि चीन और अमेरिका के बीच वायरस के लेन-देन पर सौदा क्यों नहीं हो सका।
  • अधिकारी ने लिखा, "हमारे अमेरिकी दोस्तों ने भी वायरस में रुचि दिखाई थी।
  • हमारे सीआईए के साथ अच्छे संबंध हैं लेकिन क्योंकि यह बहुत खतरनाक था, हमने इनकार कर दिया।
  • सीआईए को लगा कि हमने एक बहुत ही शक्तिशाली चीज बनाई है और चीन इसे बस अपने पास रखना चाहता है।
  • यूएस इंटेलिजेंस एजेंसी ने एक चीनी शोधकर्ता को एक बड़ी रकम की पेशकश की और उस वायरस की मांग की।
  • शोधकर्ता ने वायरस का जो नमूना अमेरिकी एजेंसी सेक्टर को बेचा वह तैयार था।
  • जब अमेरिकी एजेंट और चीन के शोधकर्ता के बीच वायरस को लेकर फाइनल डील हो रही थी, तो चीन को एक सुराग मिला।
  • गोलीबारी हुई जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। हालांकि, अमेरिकी एजेंट भागने में सफल रहा।
  • यह शूट एनिमल मार्किट के पास हुआ, और जिस बोतल में वायरस का नमूना था, उस पर गिर गया।
  • यही कारण है कि वुहान में यह वायरस फैला। चीन ने इसको यह कहते हुए इसे छुपाने की कोशिश की कि यह चमगादड़ से फैलता है।
  • चीन ने लोगों से झूठ बोला कि वुहान में केवल फ्लू फैला है, लेकिन धीरे-धीरे पूरी दुनिया उस वायरस की चपेट में आ गई जो चीन ने अपनी लैब में बनाया था।"
(आर्टिकल का एक अंश )

इस वेबसाइट को स्कैन करने पर इसके अबाउट और दिशा-निर्देश को ध्यान से देखा तो जानकारी मिली

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वायरल तस्वीर का सच - फोटो : Amar Ujala
'नोस्लीप' वेबसाइट की स्कैनिंग के परिणामस्वरूप-
इस वेबसाइट को स्कैन करने पर इसके अबाउट और दिशा-निर्देश को ध्यान से देखा तो जानकारी मिली -
  • फोरम आर-नोस्लीप उन उपयोगकर्ताओं के लिए दिशा-निर्देश पेश करता है
  • इसमें लिखे गए प्लॉट कल्पना की उत्पत्ति हैं और इनमें कोई वास्तविक जानकारी नहीं है।

देखिए इस फोरम के दिशा-निर्देश,
  • पाठकों को ऐसा व्यवहार करना है कि जैसे सब कुछ सच में है,
  • टिप्पणियों में भी इस तरह से अभिनय करें।
  • कोई बहस, अविश्वास, या आलोचना (रचनात्मक या अन्यथा) नहीं।
  • एक-दूसरे के प्रति सम्मान रखें।
  • प्रूफ, या tl; डार / सारांश के लिए नहीं पूछें।
  • टिप्पणियों का चर्चा में भी योगदान होना चाहिए।
  • उन सभी प्रकार की टिप्पणियों की रिपोर्ट करें जो इन नियमों का किसी भी प्रकार उल्लंघन करती हैं।
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पड़ताल का परिणाम

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वायरल तस्वीर का सच - फोटो : Amar Ujala
सर्च करने पर एक आर्टिकल 'स्नोप्स' भी हमारे हाथ लगा जिसमें इसके झूठा होने की जानकारी थी।

पड़ताल का परिणाम- अमर उजाला पड़ताल ने पाया कि इस कहानी का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। वुहानवायरसथ्रोअवे नाम के एक यूजर ने रेडिट फोरम में इस काल्पनिक कहानी को प्रकाशित किया।

यह दावा फर्जी है। कहानी की उत्पत्ति रेड्डिट फोरम से हुई है जिसे आर-नोस्लीप कहा जाता है, जहाँ यूज़र काल्पनिक डरावनी कहानियों को शेयर करते हैं जो अक्सर वास्तविक घटनाओं से प्रेरित होती हैं। यह दावा बिलकुल गलत है कि कोरोनावायरस महामारी वुहान में लीक हुए जैविक हथियार को छुपाने का तरीका है। किसी भी वायरल पोस्ट पर बिना वेरिफिकेशन विश्वास न करें। प्रामाणिक माध्यमों को ही जानकारी का हिस्सा बनाएं।

कोरोना वायरस से सावधानी ही बचाव है।





Bibliography and References-

*Fact Check By Google Certified Fact Checker. 
Did a Chinese Intelligence Officer Reveal the ‘Truth About the Coronavirus Outbreak’?
A piece of horror fiction was a little too believable for some readers.
https://www.snopes.com/fact-check/chinese-intelligence-coronavirus/

Site- nosleep
https://www.reddit.com/r/nosleep/wiki/reader_faq

The UFO Spotlight On…
https://ufospotlight.wordpress.com/2020/02/13/chinese-intelligence-officer-reveals-true-magnitude-of-chinas-coronavirus-crisis/
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