त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब इन दिनों एक के बाद एक विवादित बयान देकर सुर्खियों में हैं। बयान इतने बचकाने हैं कि पूरी पार्टी सहित प्रधानमंत्री मोदी को भी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। बिप्लब के बयानों से परेशान पीएम ने उन्हें दिल्ली बुलाया है। सूत्रों की मानें तो बिप्लब देब मंगलवार को दिल्ली आ रहे हैं।
बताया जा रहा है बिपल्ब से राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी मिलेंगे। बिप्लब के बयानों को लेकर पार्टी में नाराजगी है। ऐसे में उन्हें भविष्य में ऐसे बयानों से बचने के निर्देश दिए जा सकते हैं, जिससे पार्टी की छवि खराब होती है। लेकिन आपको बता दें कि बीजेपी की छवि खराब और विवादित बयान देने वाले अकेले बिप्लब ही नहीं है बल्कि बीजेपी में ऐसे नेताओं की फेहरिस्त लंबी है। वहीं कई नेता गलत बयानबाजी के समर्थन में आगे आते रहे।
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महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट का दावा
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बिप्लब देब
- फोटो : SELF
बिप्लब देब सबसे पहले महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट होने का दावा कर सुर्खियों में आए थे। बीते 18 अप्रैल को उन्होंने राजधानी अगरतला में आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि देश में महाभारत युग में भी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध थीं, जिनमें इंटरनेट और सैटेलाइट भी शामिल थे।
उन्होंने कहा था कि इंटरनेट दुनिया में अब आया है लेकिन हमारे देश में यह महाभारत काल से मौजूद है। उन्होंने कहा कि महाभारत के दौरान संजय को ऐसी दृष्टि दी गई थी कि संजय हस्तिनापुर में बैठकर धृतराष्ट्र को कुरुक्षेत्र के मैदान में युद्ध में क्या हो रहा है का आंखों देखा हाल बता रहे थे। उन्होंने कहा कि संजय इतनी दूर रहकर आंख से कैसे देख सकते हैं, इसका मतलब है कि उस समय भी तकनीक, इंटरनेट और सैटेलाइट था।
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मिस यूनिवर्स एश्वर्य भारतीय लेकिन डायना इंडियन ब्यूटी नहीं
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बिप्लब कुमार देब
अभी महाभारत का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि बिप्लब बरबोलापन एकबार फिर सामने आया। उन्होंने मिस वर्ल्ड डायना हेडन को लेकर विवादित बयान दे डाला। उन्होंने 27 अप्रैल को कहा कि, डायना हेडन इंडियन ब्यूटी नहीं हैं। डायना की जीत फिक्स थी। उन्होंने कहा कि डायना हेडन भारतीय महिलाओं की सुंदरता की नुमाइंदगी नहीं करतीं। ऐश्वर्या राय करती हैं। बिप्लब के इस बयान पर जहां उनकी चौतरफा किरकिरी हुई वहीं डायना ने भी उन्हें आड़े हाथों लिया। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर माफी मांगी।
बेरोजगारों को दी पान की दुकान खोलने और गाय पालने की नसीहत
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बिप्लब देब
बिप्लब एक के बाद एक अजीबोगरीब बयान देते जा रहे यहीं नहीं रुके। वह हर बार अलग अलग तरह के बयान देते रहे और मीडिया की सुर्खियों में बने रहे। उनका और चौंकाने वाला बयान बेरोजगारों को लेकर आया उन्होंने युवाओं को नौकरियों के बदले पान की दुकान खोलने की सलाह दे डाली। 29 अप्रैल को उन्होंने कहा कि, युवा कई सालों तक राजनीतिक दलों के पीछे सरकारी नौकरी के लिए पड़े रहते हैं। वह अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय यहां-वहां दौड़-भाग कर सरकारी नौकरी की तलाश में बर्बाद करते हैं।
मगर वही युवा सरकारी नौकरी तलाश करने के लिए राजनीतिक पार्टियों के पीछे भागने की बजाय पान की दुकान लगा लें तो उसके बैंक खाते में अब तक 5 लाख रुपए जमा होते। उन्होंने कहा कि, भागने से अच्छा है कि प्रधानमंत्री के मुद्रा योजना के तहत बैंक से लोन लेकर पशु संसाधन क्षेत्र के विभिन्न परियोजनाओं को शुरू करके स्वयं रोजगार का सृजन करें।
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सिविल इंजीनियर्स दें सिविल सर्विसेज की परीक्षा
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tripura CM biplab deb
बिप्लब का नया बयान यूपीएससी के परिणाम वाले दिन आया। देब ने बहुत ही मजाकिया बयान सिविल सर्विसेज की परीक्षा को लेकर दिया । उन्होंने कहा कि, मैकेनिकल इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले लोगों को सिविल सेवाओं में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि,‘मैकेनिकल इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले लोगों को सिविल सेवाओं का चयन नहीं करना चाहिए। समाज के निर्माण के लिए सिविल इंजीनियरों के पास ज्ञान है इसलिए उन्हें ही प्रशासन को चुनना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग प्रशासन में हैं उनको समाज का निर्माण करना है।
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गूगल भी नारद की तरह सूचना का एक स्रोत है
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विजय रुपाणी
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिल्पब देब के बाद अब गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पौराणिक कथाओं के पात्र नारद की तुलना गूगल सर्च इंजन से की है। उन्होंने कहा है कि संत नारद को पूरी दुनिया के बारे में जानकारी होती थी। ठीक वैसे ही जैसे आज गूगल सर्च इंजन लोगों को प्रदान करता है। आरएसएस की शाखा विश्व संवाद केंद्र द्वारा देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए रूपाणी ने कहा कि यह आज के दौर में प्रासंगिक है कि नारद एक ऐसे शख्स थे जिसके पास सूचनाएं होती थी। उनके पास पूरी दुनिया की जानकारी थी। वह उन सूचनाओं पर काम करते थे। मानवता की भलाई के लिए उन सूचनाओं को इकट्ठा करना उनका धर्म था और इसकी काफी जरूरत थी।
त्रिपुरा के CM बोले तो गवर्नर ने मिलाया सुर में सुर
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Tripura Governor
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब के महाभारत वाले बयान पर राज्यपाल तथागत राय ने उनका पक्ष रखते हुए उनके बयान का समर्थन किया था। महाभारत के दौरान इंटरनेट अस्तित्व में था या नहीं इस बात पर कई तरह से बहस तो शुरू हुई ही साथ ही राजनीति भी शुरू हो गई। बिप्लब ने कहा कि भारत में तकनीक का इतिहास काफी पुराना है और यहां इंटरनेट का अविष्कार लाखों साल पहले हो गया था। उन्होंने इसका प्रमाण देने के लिए महाभारत का उदाहरण पेश किया और उनके इस बयान का समर्थन किया था राज्यपाल तथागत राय ने और उन्होंने उनके तर्क को सही ठहराया था।