आपको जानकर भले ही हैरानी हो लेकिन छत्तीसगढ़ की ये महिला पुलिस कांस्टेबल फेसबुक पर किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं है। स्मिता छत्तीसगढ़ के उन चेहरों में से हैं जो फेसबुक पर बेहद लोकप्रिय हैं।
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फेसबुक पर स्मिता को फॉलो करने वालों की संख्या 7 लाख 20 हजार से ज्यादा पर पहुंच गई है। साल 2011 में स्मिता ने छत्तीसगढ़ पुलिस ज्वॉइन की थी।
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स्मिता फेसबुक पर गरीब और असहाय लोगों की मदद के लिए भी मुहिम चला रही हैं। लोगों का मानना है कि 20 महीने में फेसबुक पर स्मिता की लोकप्रियता की वजह भी यही है।
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स्मिता कहती भी हैं कि फेसबुक पर खुद को प्रमोट करने के लिए उन्होंने किसी पीआर एजेंसी की मदद नहीं ली है, बल्कि लोग उनके फेसबुक पोस्ट और उनकी मुहिम की वजह से ही उनसे जुडे़ हैं।
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2015 में स्मिता ने खुद अपने साथ हुई दुखद घटना का जिक्र करते हुए लोगों की मदद के लिए फेसबुक अकांउट बनाया। स्मिता ने कहा 'जब मैं साल 2013 में पुलिस प्रशिक्षण के दौर से गुजर रही थी तभी अचानक मेरे पिताजी शिव कुमार तांडी बहुत ज्यादा बीमार हो गए थे।
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हमारे पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसा नहीं था। आखिरकार हम अपने पिताजी को बचा नहीं पाए और एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया। स्मिता ने बताया कि उनके पिता भी पुलिस में कांस्टेबल थे, जिन्होंने साल 2007 में एक दुर्घटना के बाद रिटायरमेंट ले लिया था।
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स्मिता को एहसास हुआ कि देश में ऐसे हजारों लोग होंगे जो पैसे न होने के चलते जान गंवा देते हैं। स्मिता ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर लोगों की मदद के लिए एक ग्रुप बनाया और पैसा इकट्ठा करने लगीं। हालांकि शुरुआत में लोगों ने उनपर भरोसा नहीं किया।
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स्मिता के मुताबिक अगर कहीं रायपुर या उसके आस-पास के इलाके में किसी असहाय को इलाज के लिए मदद की जरुरत होती है तो पहले वो खुद जाकर उन लोगों से मिलती हैं।
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पूरी जानकारी जुटाने के बाद वो लोगों से मदद की अपील के लिए फेसबुक पोस्ट लिखती हैं। फेसबुक पर स्मिता अब तक सैकड़ों लोगों की मदद कर चुकी है।
उनकी फेसबुक प्रोफाइल पर ऐसी ढेरों कहानियां का जिक्र है जिनकी उन्होंने मदद की है। सीनियर अधिकारियों को भी स्मिता की लोकप्रियता की जानकारी है। किराए के मकान में रहने वाली स्मिता को महिला हेल्पलाइन और सोशल मीडिया टीम में जगह दी गई है।