विरोध-प्रदर्शन
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अवादी, कोच्चि, त्रिची, हैदराबाद, जबलपुर, मुंबई, पुणे, कोलकाता, दिल्ली, कानपुर, नागपुर, बालासोर, बंगलूरू जैसे प्रमुख रक्षा केंद्रों और अन्य स्थानों पर हजारों रक्षा असैन्य कर्मचारी, संबंधित रक्षा प्रतिष्ठानों के समक्ष एकत्रित हुए। वर्तमान सरकार द्वारा अपनाई जा रही रक्षा कर्मचारी और सरकारी रक्षा उद्योग विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई गई। आयुध कारखानों के निगमीकरण, विभिन्न स्वीकृत पदों को समाप्त करने, रिक्तियों को न भरने, आउटसोर्सिंग, निजीकरण, चार कर्मचारी-विरोधी श्रम संहिताओं, निश्चित अवधि के रोजगार और पेंशनभोगियों की पुनः नियुक्ति के खिलाफ आवाज उठाई गई।