परिवार उजड़े : आंखों के सामने अपनों का हाथ छूटा...न बचा पाने की बेबसी
जिस पंडाल में मां के गीत गूंज रहे थे, कुछ ही देर में वहां चीत्कार और बदहवासी थी। अपनी परवाह न कर हर शख्स अपनों को बचाने की जद्दोजहद में जुटा था, पर भगदड़ का आलम ऐसा कि भीड़ का धक्का लगता और अपनों का हाथ छूट जाता। नदिया से आए एक व्यक्ति ने बताया, मैं अपनी पत्नी और साली की बेटी को पूजा दिखाने कोलकाता लाया था। भगदड़ मची तो पत्नी को आंख के सामने ही गिरते देखा। पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया, उठाने की कोशिश की, लेकिन कुछ नहीं कर सका।
- 7 साल की बच्ची मां का हाथ पकड़कर पूजा देखने आई थी। भगदड़ में गिरने के बाद घायल होने पर उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां ऑक्सीजन दी जा रही थी।