नगालैंड में नेफ्यू रियो को फिर मिलेगा ताज
इस बार नगालैंड की 59 सीटों पर चुनाव हुए। यहां जुन्हेबोटो की आकुलुटो सीट से भाजपा प्रत्याशी और निर्वतमान विधायक काजहेटो किन्मी निर्विरोध चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे में इस सीट पर चुनाव नहीं हुए। भारतीय जनता पार्टी और नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) का गठबंधन हुआ है। इसके तहत एनडीपीपी ने 40 और भाजपा ने 20 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। इसके अलावा कांग्रेस और एनपीएफ अलग-अलग चुनाव लड़े। कांग्रेस ने 23 और एनपीएफ ने 22 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। 19 निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी चुनाव में ताल ठोकी थी।
2018 में यहां विधानसभा के सभी 60 सदस्य सरकार का हिस्सा बन गए थे। मतलब कोई भी विपक्ष में नहीं था। एनडीपीपी के नेफ्यू रियो मुख्यमंत्री बनाए गए थे। इस बार भी भाजपा और एनडीपीपी गठबंधन सीधे तौर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं। कांग्रेस और एनपीएफ को बड़ा झटका लगा है। दोनों ही पार्टियों ने चुनाव में कुछ खास हासिल नहीं किया। अब मुख्यमंत्री की बात करें तो यहां एनडीपीपी के मुखिया नेफ्यू रियो फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं। रियो को भाजपा का समर्थन भी है। इस चुनाव में जेडीयू के चार, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के एक उम्मीदवार ने भी जीत हासिल की है। ऐसे में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का विधायक भी सरकार में शामिल हो सकता है।
ये भी पढ़ें :Tripura: प्रद्योत देबबर्मा की नई पार्टी टिपरा मोथा की क्यों हो रही चर्चा, त्रिपुरा की सियासत में क्या बदलेगा?